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बेटी ने दी गवाही तो पिता को हो गई ताउम्र कैद

Wed, 25 Jan 2017 04:58 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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फर्रुखाबाद जनपद न्यायाधीश ने ये सजा सुनाई है
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बेटी की गवाही पर उसकी मां के हत्यारे पिता को हो ताउम्र कैद की सजा सुनाई गई है।  इसके अलावा पिता पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। फर्रुखाबाद जनपद न्यायाधीश आलोक सक्सेना ने ये सजा सुनाई है।
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कन्नौज शहर कोतवाली के गांव यूसुफपुर निवासी रामबाबू राठौर ने अपनी बहन प्रेमादेवी की शादी फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती, शास्त्री नगर निवासी महेंद्र सिंह के साथ की थी। कुछ समय बाद इनकी बेटी हुई। इस बीच महेंद्र सिंह का एक महिला से अवैध संबंध हो गया। प्रेमा देवी ने इसका विरोध किया तो 17 जून, 2011 की रात  प्रेमादेवी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई।  शव को बोरा में भरकर कुंए में फेंक दिया गया। इस घटना को अंजाम देते समय मृतका की पुत्री ने पिता को देख लिया। मामले में मृतका के भाई रामबाबू ने पति महेंद्र सिंह के साथ उसके भाई अनिल, मिंटू और उनके ससुर दयाराम और सास गोमती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और जिला शासकीय अधिवक्ता प्रभाशंकर औदिच्य, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निर्मल चंद्र कटियार ने दलीलें पेश की। इस दौरान मृतका की पुत्री ने अदालत में पिता के खिलाफ बयान भी दिए। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति महेंद्र सिंह को हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया था। अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त किया था। पति महेंद्र को न्यायाधीश ने हत्या के जुर्म में उम्रकैद, पांच हजार रुपये जुर्माना, साक्ष्य मिटाने के जुर्म में तीन साल की सजा और जुर्माने की सजा से दंडित किया है। सभी सजाए एक साथ चलने का आदेश दिया है।
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