भोपाल पुलिस भर्ती में हुए फर्जीवाड़े पर सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। कन्नौज के अखिलेश यादव ने भोपाल पुलिस भर्ती-2012 में परीक्षा दी थी। परीक्षा पास करने के बाद उसने एक साल तक नौकरी की। इसी दौरान इस भर्ती में फर्जीवाड़े की शिकायत हुई। मामले की जांच शुरू होने पर सिपाही अखिलेश पर भी एफआईआर दर्ज हुई। उसे ड्यूटी से हटा दिया गया।
इस दौरान जांच टीम को उसके मोबाइल में लगा सिम मझैया गांव के प्रताप सिंह के नाम से खरीदा जाना मिला। कॉल डिटेल निकालने पर कई नंबर संदिग्ध मिले। इसी आधार पर सीबीआई इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार ने प्रताप के खिलाफ नोटिस जारी किया। यह नोटिस लेकर सीबीआई अधिकारी भारत रविवार को मझैया गांव पहंचे।
उन्होंने प्रताप से आरोपी सिपाही से संबंध एवं उसके नाम से खरीदे सिम के आरोपी सिपाही तक पहुंचने के बारे में पूछताछ की। युवक को नोटिस देकर सप्ताहभर में भोपाल कार्यालय में पेश होने को कहा। दूसरी तरफ प्रताप सिंह का कहना है कि उसने तालग्राम के सूरज टेलीकाम से सिम खरीदा था। सीबीआई अधिकारी भरत ने बताया कि थाना तालग्राम के बनियानी गांव निवासी अखिलेश पर वर्ष 2014 में फर्जीवाड़ा में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई है।