गैंग के सदस्यों ने खुद बयां की वारदातों की हकीकत
पंजाबी छैमार गैंग गैंग का सबसे बड़ा हथियार काली अंधेरी रात और शराब है। शराब के नशे में ये गैंग डकैती डालकर किसी भी हद तक गुजर जाता था। इसका खुलासा पकड़े गए गैंग के सदस्यों ने खुद किया है। पुलिस की स्वाट और सर्विलांस टीम ने मुठभेड़ में पश्चिमी पंजाबी छैमार गैंग के अंतर्राज्यीय 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटे गए माल के अलावा तीन तमंचे और डंडे मिले हैं। कन्नौज के पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि छैमार गैंग अमावस्या की अंधेरी रात में 5-6 लोगों का गैंग बनाकर कई जिलों में घूमने निकल जाता है। घटना वाली जगह के आसपास की बाजार से आरी, छेनी, पॉलिथीन सहित अन्य सामान खरीदते हैं। शाम को शराब पीते हैं और गांव के किनारे बने मकान के आसपास खेतों व झाड़ियों में छिप जाते हैं। रात 11 बजे के बाद कपड़ों को उतारकर एक पॉलिथीन में रख देते हैं। कच्छा बनियान पहन कर घर में घुस जाते हैं। घर के सदस्यों को डंडों से पीटकर अधमरा कर घर में रखे नगदी, जेवरात लूट ले जाते हैं। पुलिस की सूची में वांछित होने पर यह अपना नाम बदलकर दूसरा रख लेते हैं। साथ ही अपना डेरा भी दूसरे स्थान पर पहुंचा देते हैं। एसपी ने बताया कि बदमाश उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान के जनपद अमरोहा, आगरा, मुरादाबाद, बुलंदशहर, इटावा, मैनपुरी सहित कई जनपदों में डकैती की घटना को बदमाश अंजाम दे चुके हैं।
पकड़े गए बदमाश
जनपद बुलंदशहर के थाना क्षेत्र अहार निवासी जानिशार उर्फ मैफूज, जान उर्फ जिग्गा, दिलनशी उर्फ वसीम उर्फ रमता जोगी उर्फ राजू पकड़े गए हैं। इनके अलावा चांद मियां उर्फ अर्जुन, मुन्नवर उर्फ सलमान गिरफ्तार हैं, इनका डेरा बुलंदशहर थाना अहार, जनपद संभल डेरा सितारा मस्जिद, जनपद कन्नौज थाना ठठिया के जैनपुर, राजस्थान प्रांत के झुंझनू के डेरा पिलानी बताया गया है। इसी तरह सहारनपुर जनपद के थाना गंगो के डेरा निवासी शानू उर्फ सोनू, अमरोहा जनपद के थाना शैलनगली डेरा डक्का निवासी अक्षय उर्फ काले, संभल जनपद के गांव मिठौली निवासी आमिर उर्फ टुंडा, बागपत जनपद के थाना बढ़ौली हालडेरा निवासी शहरान उर्फ शिवा के अलावा औरैया जनपद के थाना बिधूना के गांव सरैया निवासी आशिक पुत्र निक्का हैं।