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पुलिस पर छात्र को 3 दिन तक पीटने का आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल हुई चोट के निशान वाली भयावह तस्वीरें

Thu, 17 Oct 2019 01:26 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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कानपुर के चकेरी अहिरवां पुलिस पर कमल वाल्मीकि हत्याकांड के बाद फिर एक बार गंभीर आरोप लगे हैं। हाईस्कूल के नाबालिग 16 वर्षीय छात्र अर्जुन वर्मा की अहिरवां चौकी के दो सिपाहियों और चौकी इंचार्ज पर दो दिन तक बेहरमी से पीटने की बात फोटो के साथ सार्वजनिक हुई है। बताया कि चौकी के बाद में उसे दो दिन तक चकेरी थाने में बंद रखा गया।
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दर्द इतना था कि सहन नहीं कर पा रहा था। भाई मिलने पहुंचा, तो मिलने नहीं दिया गया। इसपर डिफेंस कालोनी निवासी एक अधिवक्ता के माध्यम से 15 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा गया। इसमें 50 हजार रुपये की मांग थी। बाद उसके भाई को अधिवक्ता ने बचे 5 सौ रुपये वापस किए।

बताया कि वो मीट की दुकान लगाकर परिवार के खर्च में हाथ बंटाटा है, पहले पित्रपक्ष, नवरात्र के बाद अभी अन्य त्योहारों के कारण दुकान नहीं लग पा रही है। दुकान के चलते उसकी चौकी में जान पहचान भी है। बताया कि उसके दोस्त ऋषभ का एक पड़ोसीे (टेलर) से विवाद हुआ था। जिसमें एक पड़ोस में रहने वाले एक सिपाही के बीच में पड़ने पर दोस्त की बहस हो गई थी।
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जिसकी खुन्नस में पुलिस ने टेलर से समझौते के बाद भी दोबारा मामले को आगे बढ़ा दिया। बताया कि उनकी बाइक जो पिता पप्पू के नाम है, चौकी में रखे हैं। उसे लेने जाने में डर लग रहा है, कि कहीं फिर न उसे बंद कर पीटे। पीड़ित छात्र की पिछले हिस्से में चोट की निशान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पीड़ित बुधवार को एसएसपी की चौखट पर पहुंचा था। उसे गुरुवार को प्रार्थना पत्र के साथ बुलाया गया है।

पुलिस बोली आरोप लगा रहे किशोर पर दर्ज है मुकदमा
बतादें कि युवक पर 14 अगस्त को अनिल कुमार यादव ने अर्जुन वर्मा, सौरभ मिश्रा, ऋषभ शुक्ला पर रिपोर्ट कराई थी। चौकी इंचार्ज अहिरवां संजय दुबे के अनुसार अनिल कुमार को पीटकर हाथ तोड़ा गया था। इसके बाद आरोपी मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे थे। इसपर अर्जुन को 151 में पकड़कर दूसरे दिन शांति भंग भेजा गया था। कहा कि अगर पुलिस ने मारा था तो मेडिकल में क्यों नहीं बताया।
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