कन्नौज में फोन कर आसान सवालों के जवाब मांगकर इनाम का झांसा देने के बाद लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घेराबंदी कर गिरोह के आठ ठगों को दबोच लिया गया है। इस दौरान चार आरोपी भाग निकले। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के जनपदों के अलावा, राजस्थान, मध्य प्रदेश में रहने वाले करीब 200 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।
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सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह, स्वाट टीम प्रभारी राकेश कुमार और तिर्वा कोतवाल टीपी वर्मा ने सोमवार सुबह सदर कोतवाली के पाल चौराहे के पास घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने आठ ठगों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक एटीएम कार्ड, दस हजार रुपये और आठ मोबाइल समेत सिम बरामद हुईं। खुलासे के दौरान एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि 16 सितंबर 2019 को नजरापुर में रहने वाली रितु पत्नी आशीष कुमार के पास आरोपी दीपक सिंह ने फोन कर खुद को नेटवर्क कंपनी का एजेंट बताकर पांच सवाल पूछे थे।
जवाब देने पर उसने 2.50 लाख रुपये देने का झांसा दिया था। इनाम देने का लालच देकर धीरे-धीरे रितु से 2.27 लाख रुपये खाते में डलवा लिए। एसपी ने बताया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों से सिम निकाल कर ठगी करते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों से खाता खुलवा कर लोगों से रुपये डलवा लेते थे। यह लोगों को योजना का लाभ देने का झांसा देकर दस प्रतिशत रुपये खाते में डलवा कर एटीएम से निकाल लेते थे।
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गिरफ्त में आए शातिर
1- दीपक सिंह चौहान पुत्र जगराम, निवासी रमेशपुर, चौबेपुर, कानपुर नगर।
2- नीरज पुत्र जंग बहादुर, निवासी रमेशपुर, थाना चौबेपुर, कानपुर नगर।
3- बृजेश पुत्र जंग बहादुर, निवासी रमेशपुर, थाना चौबेपुर, कानपुर नगर।
4- अजय सिंह चौहान पुत्र चंदन सिंह निवासी, रमेशपुर, चौबेपुर, कानपुर नगर।
5- सुरेंद्र पुत्र विशंभर, निवासी रंजीतपुर श्रवणखेड़ा, थाना गजनेर,जिला कानपुर देहात।
6- मुकेश पुत्र दिनेश निवासी, रमेशपुर, थाना चौबेपुर, कानपुर नगर।
7- सुनील पुत्र रमेश चंद्र, निवासी रमेशपुर, चौबेपुर,कानपुर नगर।
8- सत्यभान पुत्र ताहर सिंह, निवासी पंचमपुरवा, थाना सचेंडी, कानपुर नगर।
भागने वाले अपराधी
1- जनार्दन पुत्र ताहर सिंह, निवासी पंचमपुरवा, थाना सचेंडी, कानपुर नगर।
2- नरेंद्र पुत्र गणेश, निवासी रमेशपुर, थाना चौबेपुर, कानपुर नगर।
3- विनय पुत्र बलवीर, निवासी रमेशपुर, थाना चौबेपुर, कानपुर नगर।
4- मोहन पुत्र रघुराज, निवासी रमेशपुर, थाना चौबेपुर, कानपुर नगर।
गांव के बाहर बागों में बैठकर फोन कर बनाते थे शिकार
साइबर क्राइम की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग के सदस्य बेहद चालाक हैं। हाईस्कूल और कक्षा आठ पास यह शातिर फोन कर इनाम का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। गिरोह के सदस्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर भी ठगते थे। ठगी का शिकार होने वाले लोगों से खाते में रुपये डलवाकर निकाल लेते थे। ठगी के बाद यह अधिकारी बनकर फोन करते थे। कार्रवाई के नाम पर दोबारा रुपये ठग लेते थे।
पुलिस की गिरफ्त में आया दीपक सिंह चौहान और जनार्दन सिंह हाईस्कूल हैं। गिरोह के अन्य शातिर कक्षा आठ और कक्षा पांच तक पढ़े लिखे हैं। रुपये कमाने की चाहत में यह लोग करीब पांच साल से लोगों को गुमराह कर ठगी का शिकार बनाते आ रहे हैं। पुलिस गिरफ्त में आए दीपक सिंह ने बताया कि गांव के बाहर बाग और खेतों में बैठकर फर्जी दस्तावेजों से निकाली गई सिमों से अंदाज में कोई भी नंबर डायल कर पांच सवाल पूछते थे। जवाब ठीक देने पर 2.50 लाख रुपये देने का लालच देते थे।
इसके एवज में सबसे पहले एक नंबर पर रिचार्ज करने की बात कहते थे। इसके बाद इनाम का लालच देकर खाते में रुपये डलवा लेते थे। एसपी ने बताया कि गैंग के सदस्य बेहद शातिर हैं। यह फोन कर महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर भी खाते में रुपये डलवा लेते थे। इन रुपयों को वह एटीएम कार्ड से निकाल लेते थे। एसपी ने बताया कि गैंग के अन्य लोगों की तलाश में छापा मारा जा रहा है। जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।