टूंडला से कानपुर आ रही मेमू को दादानगर-पनकी के बीच करीब एक घंटा तक खड़ा रखा गया, जिससे नाराज यात्री ट्रैक पर बैठकर हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पर अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा और यात्रियों का समझाया-बुझाया। इसके बाद यात्री माने और ट्रेन रवाना हो सकी।
ट्रेन निर्धारित समय से साढे़ तीन घंटे देरी से सेंट्रल स्टेशन पहुंची। घटना शनिवार दोपहर 11.30 बजे की है। टूंडला से चलकर कानपुर आने वाली मेमू (ट्रेन नंबर 64162) करीब साढ़े दस बजे पनकी स्टेशन पहुंची। ट्रेन जैसे ही स्टेशन से चली तो पनकी नहर के पास खड़ी हो गई।
एक घंटे तक यहां खड़ी रहने के बाद ट्रेन चली और फिर दादानगर पुल के नीचे खड़ी हो गई। इस दौरान जोधपुर हावड़ा, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों को पास कर दिया गया। यह बात दूधियों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को नागवार लगी। गुस्से में आकर इन लोगों ने उतरकर ट्रैक बाधित कर दिया और ट्रेन को चलाने की मांग की।
यह जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने तत्काल आरपीएफ और जीआरपी जवानों को मौके पर भेजा। साथ ही ट्रेन को चलाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचकर आरपीएफ ने ट्रैक साफ कराया और ट्रेन को रवाना किया। रोशनमऊ के आदित्य का कहना है कि रोजाना यही हाल इस ट्रेन का किया जाता है।
सही समय सेंट्रल पर पहुंचने का 9:50 बजे का है जबकि प्रतिदिन मेमू 12 बजे के बाद पहुंचती है। मड़ौली के राजेश का कहना है कि प्रतिदिन इस ट्रेन से बड़ी संख्या में इटावा, झींझक, रूरा आदि स्टेशनों से दैनिक यात्री आते हैं। बावजूद इसके इस ट्रेन को रोका जाता है।
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ का कहना है कि आज करीब साढ़े तीन घंटे विलंब से 1:40 बजे ट्रेन सेंट्रल पहुंची है। आगे से प्रयास किया जाएगा इसे सही समय पर सेंट्रल लाया जाए। ताकि दैनिक यात्रियों को परेशानी न हो।