शुक्रवार को उस समय रेलवे और पुलिस प्रशासन हिल गया जब एक्सप्रेस में सवार एक यात्री ने खुद के अपहरण की सूचना देकर रेलमंत्री को ट्वीट कर दिया। यात्री के ट्वीट से रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन ट्रेन को इटावा स्टेशन पर रोका गया। जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रेन की तलाशी ली तो एक एसी कोच के टॉयलेट में यात्री बंद मिला। जीआरपी कर्मियों ने किसी तरह दरवाजे को खोलकर यात्री को बाहर निकाला। । इस दौरान ट्रेन करीब 27 मिनट तक खड़ी रही।
हरियाणा के जिला मेवात निवासी प्रीतम छेतरी पुत्र गंगाराम छेतरी नई दिल्ली स्टेशन से जनरल का टिकट लेकर 15602 डाउन नई दिल्ली सिल्चर एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार हो गया। जब ट्रेन के टीटीई ने उससे टिकट मांगा तो वह भागकर कोच के टायलेट में घुस गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जब टीटीई ने अगले स्टेशन पर फोर्स बुलाने की धमकी दी तो वह मौका पाकर ट्रेन के दूसरे ऐसी कोच के टायलेट में घुस गया।
दरवाजा अंदर से बंद करने के बाद यात्री ने अपने मोबाइल फोन से रेल मंत्री को ट्विट किया कि उसको कुछ लोगों ने ट्रेन के टायलेट में बंद कर लिया है और अपहरण कर कहीं ले जा रहे हैं। इस पर टूंडला कंट्रोल ने ट्रेन को इटावा स्टेशन पर रोककर तलाशी लेेने के निर्देश जीआरपी और आरपीएफ को दिए। ट्रेन सुबह 8 बजे इटावा स्टेशन पर पहुंची तो जीआरपी व आरपीएफ जवानों ने ट्रेन को घेर लिया और तलाशी शुरू कर दी। काफी प्रयास के बाद जब यात्री नहीं मिला तो उसके मोबाइल नंबर पर कॉल कर घंटी बजाते हुए ट्रेन के टायलेट चेक किए।
जिस पर उसे ए-1 एसी कोच में बंद पाया गया। पुलिस कर्मियों ने उससे गेट खोलने को कहा तो उसने मना कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से जीआरपी कर्मियों ने टायलेट का गेट खुलवाया और जबरन यात्री को टायलेट से बाहर निकालकर थाने ले आए। इसके बाद ट्रेन को 8 बजकर 27 मिनट पर आगे के लिए रवाना कर दिया। इस मामले पर जीआरपी प्रभारी यशपाल यादव ने बताया कि अपहरण की झूठी सूचना देने वाला उक्त यात्री मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उसे आरपीएफ को सौंप दिया गया है।