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ऑनलाइन कॉलगर्ल सप्लाई के मकड़जाल की पूरी कहानी जानकर हो जाएंगे हैरान

Wed, 27 Jun 2018 03:34 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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'क्या आप भी खाली समय में उबाऊ महसूस कर रहे हैं- हमारा फेसबुक पेज लाइक करें और खूब मजा करें?', 'क्या आपकी लाइफ में कोई मजा नहीं है?', 'क्या आप भी दोस्त बनाना चाहते हैं?'.....
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कुछ ऐसे ही फेसबुक पोस्ट आपके मोबाइल पर अक्सर देखने को मिलते होंगे। न जाने कितने लोग होंगे जिन्होंने ऐसे लुभावने फेसबुक पेजों पर अपनी उत्सुकता जताई होगी। लेकिन आज हम आपके सामने कर रहे हैं ऐसा खुलासा करेंगे जिसे जानने के बाद आप इस तरह के फेसबुक पेजों से तौबा कर लेंगे। हाल ही में यूपी के उरई जिले के एक मामले को आधार बनाकर हम आपको 'ऑनलाइन कॉलगर्ल सप्लाई' के इस मकड़जाल की पूरी कहानी बताते हैं... 

आगे की स्लाइड में पढ़ें...(ऐसे फंसते थे लोग जाल में)....

 

फेसबुक पेज बनाकर 10 साल से कर रहा था कॉलगर्ल सप्लाई का ऑनलाइन धंधा

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जालौन के बबीना गांव से एमपी की ग्वालियर पुलिस ने ऑनलाइन सैक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। सरगना अंतर्राज्यीय गिरोह बनाकर सोशल मीडिया में ग्रुप के जरिए लोगों को कॉलगर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करता था। ग्वालियर पुलिस कार्रवाई करते हुए अपने साथ ले गई। मध्य प्रदेश पुलिस के साइबर क्राइम के इंस्पेक्टर मिर्जा आसिफ बेग सोमवार की रात अपनी टीम के साथ कदौरा थाने पहुंचे। उन्हें ऑनलाइन सैक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के सरगना के घर में होने की जानकारी मिली थी। कदौरा थाना पुलिस की मदद से उन्होंने अपनी टीम के साथ क्षेत्र के बबीना स्थित एक घर में दबिश दी। यहां पर घर लोग दरवाजा खोलने के लिए तैयार न थे। पुलिस ने तेवर दिखाए तो घर के लोग उलझने लगे। इसी बीच घर में मौजूद सैक्स रैकेट चलाने वाला सरगना घर के पीछे के दरवाजे से भागने लगा। पुलिस ने भागता देख घेराबंदी कर अंकित दुबे को धर दबोचा। उसने अपने को मीडियाकर्मी बताकर दबाव में लेने की कोशिश की। लेकिन पुलिस उसे पकड़कर थाने ले आई, जहां उसने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया। ग्वालियर पुलिस के साइबर क्राइम के इंस्पेक्टर मिर्जा आसिफ बेग ने बताया कि पकड़ा गया अंकित दुबे अंतर्राज्यीय गिरोह बनाकर पिछले दस साल से ऑनलाइन सैक्स रैकेट चला रहा था। फैसबुक पर एस्कार्ट सर्विस नाम से कई पेज बनाकर कॉलगर्ल उपलब्ध कराता था। इसके अलावा उसने कॉल गर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर कई लोगों से लाखों की ठगी की है। खाते में रुपये डलवाकर उस नंबर को बंद कर देता था। उसके पास करीब 6 मोबाइल भी बरामद हुए है। कार्रवाई के बाद आरोपी अंकित दुबे को ग्वालियर पुलिस अपने साथ ले गई। इस दौरान पकड़ने वाली टीम में कदौरा थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह, ग्वालियर पुलिस के राजेश बाबू, संजय शर्मा, आर रमन त्रिपाठी, पुष्पेंद्र यादव आदि शामिल रहे।  

आगे की स्लाइड में पढ़ें...(कॉलगर्ल ने ही दी थी जानकारी)...

ग्वालियर में पकड़ीं गईं कॉलगर्ल्स ने दी जानकारी

डेमो पिक
अंकित यह काम पिछले 10 साल से कर रहा था। वह बड़ी ही चतुराई से हमेशा बचता रहा। मगर हाल ही में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पकड़ी कुछ कॉलगर्ल्स ने पुलिस को इसके बारे में जानकारी दी। मोबाइल नंबर ट्रैस कर एकाउंट चेक किए गए। पुख्ता सबूतों के साथ मंगलवार को ग्वालियर पुलिस ने दबिश देकर धर दबोचा।  
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सिपाही से की हाथापाई 

ग्वालियर पुलिस की गिरफ्त में पकड़ा गया सरगना।
जैसे ही पुलिस ने अंकित को दबोचा तो वह एक सिपाही से उलझ गया। इस पर सिपाही ने उसे तमाचा जड़ दिया। इसके बाद अंकित ने हावी होते हुए सिपाही के हाथापाई कर दी और सिपाही की वर्दी भी फाड़ दी।  

गांव में बनवाया आलीशान मकान, कार ली 
सालों से चल रहे इस रैकेट की कमाई से अंकित ने बबीना गांव में एक आलीशान मकान बनाया है। इसके अलावा वह हर माह कार बदला करता था। हाल ही में उसने एक नई एसयूवी कार ली थी। इसके अलावा एक समाचार पत्र से जुड़े होने की वजह से पूरे क्षेत्र में रौब झाड़ता फिरता था।
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