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दिल्ली: दूसरी शादी की चाहत में किए थे पत्नी के 7 टुकड़े, पुलिस के सामने सनसनीखेज खुलासा

Wed, 27 Jun 2018 02:21 PM IST
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने सरिता विहार इलाके में बैग व कार्टन में महिला के शव के टुकड़े मिलने की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने महिला जूही के पति और उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पति ने खुलासा किया कि दूसरी युवती से शादी करने के लिए उसने अपने एक भाई के साथ पत्नी के शरीर के सात टुकड़े कर दिए थे। इसके बाद उसने अपने दूसरे भाई के साथ इन टुकड़ों को कार्टन व बैग में रखकर सरिता विहार इलाके में खाली प्लॉट में फेंक दिया था। पहचान मिटाने के लिए आरापियों ने महिला का चेहरा भी चाकू से गोद दिया था। पुलिस ने कार्टन पर लिखे गुरुग्राम स्थित मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के नाम से इस गुत्थी को सुलझाया। मुख्य आरोपी ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग की हुई है।

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दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार, सरिता विहार के ओखला टैंक जंगल के पास खाली प्लाट में एक बैग व कॉर्टन 21 जून को सुबह सवा आठ बजे मिले थे। खोलने पर इनमें सात टुकड़ों में महिला का शव मिला। कार्टन को रस्सी व टेप से बांधा गया था। बैग में कोहनी से ऊपर दोनों हाथ, घुटने से नीचे पैर, एक जांघ व सिर और कार्टन में घड़ था। चेहरे को चाकू से बुरी तरह गोदा हुआ था, ताकि महिला की पहचान नहीं हो सके।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा की देखरेख में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, इंस्पेक्टर रामनिवास, एसआई बेंकटेश व नागेंद्र नागर की टीम कार्टन पर लिखे गुरुग्राम स्थित मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के पते पर पहुंची। पता चला कि इस कार्टन में अलीगढ़ निवासी जावेद का यूईए से अलीगढ़ के लिए सामान आया था। जावेद का दिल्ली के शाहीन बाग में भी मकान है। जावेद ने सामान के कुछ कार्टन दिल्ली के मकान में डाल दिए थे और कुछ मेड ले गई थी। मेड के पास सभी कार्टन मिल गए। जावेद ने बताया कि उसने मकान को बिहार निवासी साजिद अली अंसारी व उसके भाई इश्तियाक आलम को किराए पर दे रखा है।

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रांग नंबर से दोस्ती के बाद किया था प्रेम विवाह

पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस घर पहुंची तो मकान बंद था। जांच के बाद पुलिस ने मो. साजिद अली अंसारी उर्फ बबलू (26) को शाहीन बाग में रहने वाले उसके भाई हसमत अली के घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद इसके भाई मो. इश्तियाक आलम अंसारी (28) और मो. हसमत अली अंसारी (46) को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चॉपर (लकड़ी काटने वाला दाव) बरामद कर लिया गया। मो. साजिद ने भाइयों के साथ मिलकर पत्नी जूही की हत्या और शव के टुकड़े करने की बात कबूल कर ली है।

साजिद अली ने बताया कि वर्ष 2010 में गलती से उसका फोन छपरा, बिहार निवासी जूही को लग गया था। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। साजिद जूही से मिलने छापरा जाने लगा। जूही ने बीए ऑनर्स (साइकोलॉजी) किया हुआ था। मो. साजिद ने कुरुक्षेत्र मेकेनिकल इंजीनियरिग से बी.टेक किया था। वर्ष 2014 में दोनों ने शादी कर ली थी। उनकी ढ़ाई व डेढ़ वर्ष की दो बच्चियां हैं। शादी के बाद जूही के परिवारवालों ने उससे संबंध खत्म कर लिए थे।

घर का खर्च चलाने पर भी होता था झगड़ा
वर्ष 2016 में दोनों दिल्ली आ गए। मो. साजिद कोई नौकरी नहीं करता था। घर का खर्चा नहीं चलने पर दंपती के बीच आए दिन झगड़ा होने लगा। इस दौरान मो. साजिद दूसरी युवती के संपर्क में आ गया। वह उससे मोबाइल पर बातचीत, चैटिंग व कॉल करता रहता था। वह पटना में रहने वाली इस दूसरी युवती से शादी करना चहाता था। इसीलिए उसने जूही की हत्या करने की साजिश रच ली।
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जूही के दोनों हाथों की नसें काट बाथरूम में बहाया गया खून

साजिद और उसके भाइयों ने जिस निर्मम तरीके से जूही की हत्या की, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। साजिद ने जूही की हत्या की साजिश एक महीने पहले ही रच ली थी। उसने तय कर रखा था कि जिस दिन झगड़ा होगा, उसी दिन वह पत्नी की हत्या कर देगा।

डीसीपी चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि दोनों में 20 व 21 जून की रात करीब साढ़े दस बजे झगड़ा हुआ था। इसी दौरानउसने पत्नी जूही की गली दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने बड़े भाई इश्तियाक को बुलाया। दोनों जूही के शव को बाथरूम में ले गए और वहां उसके दोनों हाथों की नसें काट दीं, ताकि बाथरूम में शरीर का पूरा खून निकल जाए। ये शव से पूरा खून निकलने का इंतजार करते रहे। इसके बाद आरोपियों ने जूही के शव के टुकड़े कर दिए। साजिद ने पूछताछ में बताया कि जब वह शव के टुकड़े कर रहे थे तो दोनों बच्चियां जग गई थीं और रोने लगीं। बच्चियों के रोने से बेपरवाह दोनों आरोपी जूही के शव के टुकड़े करने में लगे रहे। उन्होंने शव के सात टुकड़े किए। फिर शव के टुकड़ों को बैग व कार्टन में पैक किया।

इसके बाद दोनों भाई बच्चियों को लेकर बड़े भाई असमत के घर पहुंचे और उसे पूरी बात बताई। असमत लक्ष्मी नगर जाकर अपने दोस्त की अर्टिका कार लेकर आया। कार्टन व बैग को उसमें रखा और सरिता विहार इलाके में सुनसान जगह पर फेंक दिया गया। जूही ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर साजिद से प्रेम विवाह किया था। जूही ने शादी के बाद अपना नाम राजबाला रख लिया था। इश्तियाक ने कानपुर से आईआईटी किया हुआ है। मो. हसमत एनजीओ के लिए सप्लाई एजेंट का काम करता था।
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