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मरीज काेई भी हाे तीन खुराक दवा के साथ एक इंजेक्शन अाैर मिल जाएगी यह लाइलाज बीमारी

Thu, 08 Feb 2018 09:47 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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झाेलाछाप डाॅक्टर राजेश
यूपी के उन्नाव में एक अनाेखा मामला सामने अाया है। यहां एचआईवी मामले में एक झोलाछाप काे गिरफ्तार क‌िया गया है। मरीज काेई भी हाे अाैर बीमारी कैसी भी हाे सभी के ल‌िए तीन खुराक दवा और एक इंजेक्शन जरूरी था। इसी इंजेक्शन ने पता नहीं क‌ितनाें काे एड्स जैसी लाइलाज बीमारी का श‌िकार बना द‌िया। 
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एक ही सिरिंज के बार-बार इस्तेमाल से लोगों के एचआईवी से पीड़ित होने के मामले में दोषी बताए जा रहे झोलाछाप राजेश को पुलिस ने बुधवार सुबह उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। बांगरमऊ के शिवबख्शखेड़ा निवासी राजेश कस्बे के स्टेशन रोड पर दस रुपये में इलाज करता था। दस रुपये के बदले वह मरीजों को तीन खुराक दवा के साथ एक इंजेक्शन भी लगाता था।

 
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बड़ी संख्या में बच्चों और बड़ों में एचआईवी की पुष्टि होने के बाद लोग झोलाछाप राजेश के बारे में खुलकर बोल रहे हैं। दो साल के भीतर बांगरमऊ में एचआईवी के 76 केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि बांगरमऊ के स्टेशन रोड और पलिया गांव में छप्पर के नीचे दुकान लगाकर लोगों का दस रुपये में इलाज करने वाले राजेश ने अधिकतर लोगों को एचआईवी का शिकार बना दिया।

 

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शासन स्तर तक मामला पहुंचने के बाद बांगरमऊ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के छह दिन बाद बुधवार सुबह करीब 3 बजे झोलाछाप राजेश को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे बांगरमऊ कोतवाली के बजाए माखी थाने में रखा है। बांगरमऊ कोतवाल अरुण प्रताप सिंह ने बुधवार देर शाम गिरफ्तारी की पुष्टि की। राजेश ने बताया कि पहले वह बांगरमऊ कस्बे में एक डाक्टर के पास सहायक का काम करता था।

 
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तीन साल तक उसने डाक्टर के साथ काम किया। इस दौरान उसे अधिकतर दवाओं की जानकारी हो गई। इसके बाद स्टेशन रोड पर अपना दवाखाना खोल लिया। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि राजेश प्रत्येक मरीज से दस रुपये लेता था। दस रुपये के बदले वह तीन खुराक दवा देता था। साथ ही सभी मरीजों को एक इंजेक्शन भी लगाता था। दस रुपये में इलाज होने से उसके दवाखाने पर हर समय भीड़ रहती थी।

 
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राजेश का कहना है कि वह ग्लास सिरिंज को अच्छी तरह से उबालने के बाद ही प्रयोग करता था या मरीजों से ही डिस्पोजल सिरिंज मंगवाता था। राजेश ने बताया कि उसने 25 जुलाई 2017 को दवाखाना बंद कर दिया था। कुछ लोगों ने उसे फंसाने के लिए आरोप लगाए हैं। 

 
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सीएचसी प्रभारी डा. प्रमोद दोहरे ने जिलाधिकारी डा. रवि कुमार एनजी के आदेश पर झोलाछाप राजेश के खिलाफ लाइलाज बीमारी का संक्रमण फैलाने व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत 31 जनवरी को मुकदमा दर्ज कराया था। राजेश बांगरमऊ कस्बे में स्टेशन रोड पर एक खंडहरनुमा भवन में दवाखाना चलाता था।

 
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आसपास के लोगों के अनुसार दवाखाना में कोई बोर्ड नहीं लगाया गया था। एक मेज डालकर राजेश दवाएं देता था। स्टेशन रोड पर राजेश दोपहर में दवाखाना खोलता था। इससे पहले वह पलिया में दवाखाना चलाता था। शिवबख्शखेड़ा निवासी राजेश के पास चिकित्सक की डिग्री न होने की जानकारी लोगों को नहीं थी। बुधवार सुबह राजेश की गिरफ्तारी के बाद उसके झोलाछाप होने की जानकारी पर लोग सन्न रह गए। 
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