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बवाना अग्निकांडः हादसे में जिंदा बचे चश्मदीद मजदूर ने किए कई बड़े खुलासे

Wed, 07 Feb 2018 04:28 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
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bawana fire
बवाना अग्निकांड हादसे में जीवित बचे एक युवक ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस हादसे में पुलिस के ऊपर भी गैर कानूनी रूप से पटाखे की फैक्ट्री को चलने देने का आरोप सामने आ रहा है। चश्मदीद उस फैक्ट्री का मजदूर रूप प्रकाश(25) है, जिसने हादसे के बारे में गंम्भीर बातें बताई हैं। 
 
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मामला 20 जनवरी की शाम का है। बवाना की एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में करीब 17 लोगों की जान चली गई। उस हादसे में बचे मजदूर रूप प्रकाश ने बताया की फैक्ट्री को मनोज का बेटा संभालता था। फैक्ट्री में उसका आना-जाना रहता था। इस हादसे में पुलिस ने ललित गोयल ओर मनोज जैन को आरोपी बनाया है। मगर मनोज जैन के बेटे से किसी भी प्रकार की कोई पूछताछ नहीं की गई। आरोप लग रहा है क‌ि मनोज के बेटे को इस मामले से दूर रखा जा रहा है।
 
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हादसे के वक्त रूप प्रकाश फैक्ट्री में काम कर रहा था। उसने आग लगने के बाद दूसरी मंजिल से बाहर छलांग लगा दी। उस दौरान उसका एक पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया। घायल अवस्था में उसे वाल्मीकि अस्पताल में ले जाया गया। बाद में उसे रोहिणी के बाबा साहिब अस्पताल में रेफर किया गया। 
 

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बवाना अग्निकांड में रूप प्रकाश ने अपने परिवार के तीन सदस्यों को खो दिया। उसने अपने सगे भाई रोहित, अपने दो चचेरे भाई सूरज और संजीत को खो दिया। रूप प्रकाश ने बताया कि वो अपने रिश्तेदार के संपर्क से तीन दिन पहले फैक्ट्री में काम पर आया था। बाद में उसने अपने भाई रोहित को भी काम पर बुला लिया। उसके चचेरे भाई फैक्ट्री में पहले से काम कर रहे थे। 
 
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रूप प्रकाश ने बताया कि जब उसके परिवार को हादसे के बारे में पता चला तो परिवार को उनके जान को खतरा लगा फिर परिवार ने फौरन उसे गांव ले जाना सही समझा।
 
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फैक्ट्री के बारे में प्रकाश ने बताया कि इस फैक्ट्री के तीन पार्टनर थे। उसमें चाइना से कंटेनर में भरकर बारूद आता था और दिल्ली व यूपी की गाड़ियों में भरकर माल जाता था। उसका कहना था कि वो मनोज जैन के बेटे को रिंकू के नाम से जानता था। 

 
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कह सकते हैं कि हादसा एक प्रकार का संजोग था, जिससे फैक्ट्री के गैर कानूनी होने का पता चलता है। इसमें पुलिस पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है।
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