उत्तर प्रदेश के इटावा में होली के दिन होरियारों को हुड़दंग करने से मना करने की कीमत सदर कोतवाली क्षेत्र के मेवाती टोला निवासी मुन्नी देवी (62) को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। हुड़दंगियों ने महिला की घर में पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने चार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर एक नामजद आरोपी को पकड़ लिया है।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। मेवाती टोला निवासी मजदूर सर्वेश माथुर सोमवार सुबह परिवार के साथ होली खेल रहा था। सर्वेश का आरोप है कि सुबह करीब नौ बजे घर के पास मोहल्ले के अमित उर्फ काला, गौरव, प्रफुल्ल प्रताप व भानू प्रताप आए। ये सभी घर के बाहर शराब पीने लगे और नशे में शराब की खाली बोतल फोड़ते हुए गालीगलौज करने लगे।
उसके परिजनों ने इसका विरोध किया तो आरोपी गालियां देने लगे। इन्होंने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद उसके भाई राकेश, सुरेश व दिनेश की पिटाई कर दी। परिजनों ने घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। सदर कोतवाली पुलिस मौके पर आई और दोनों पक्षों को समझाकर लौट गई। आरोप है कि चारों आरोपी करीब 11 बजे फिर से आ गए।
घर में किसी के नहीं होने पर भीतर घुस गए और मां मुन्नी देवी को लात-घूंसों से पीटकर अधमरा कर दिया। मां के चीखने चिल्लाने पर आसपास की महिलाएं मदद को दौड़ीं तो आरोपी भाग निकले। महिलाओं ने इनमें एक आरोपी अमित उर्फ काला को दबोच लिया। सूचना पाकर दोबारा पहुंची पुलिस ने अमित को हिरासत में ले लिया।
परिजन घायल मुन्नी देवी को जिला अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। एसपी सिटी प्रशांत कुमार प्रसाद, सीओ सीटी राजीव प्रताप सिंह व कोतवाली प्रभारी बचन सिंह सिरोही घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी सिटी ने बताया कि मुन्नी देवी के परिजनों की रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बाकी आरोपियों को भी जल्द
गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस कार्रवाई करती तो बच जाती वृद्धा की जान
मुन्नी देवी के परिजनों व मोहल्ले वालों का कहना कि सोमवार सुबह नौ बजे झगड़े की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। पुलिसकर्मियों ने पीड़ितों की बात अनसुनी कर चारों आरोपियों को छोड़ दिया था। पुलिस उसी समय कार्रवाई कर देती, तो मुन्नी देवी शायद जिंदा होतीं।