गंगा बैराज पर रविवार सुबह कपड़े में लपेटकर फेंके गए नवजात को कुत्ते ने नोच डाला। वहां से गुजर रहे राहगीर ने कुत्ते को भगाकर नवजात को बचाया। इसके बाद वहां भीड़ लग गई। लोगों ने पुलिस कंट्रोलरूम में इसकी सूचना दी। थोड़ी देर बाद पहुंचे दो कांस्टेबल घायल नवजात को हैलट ले गए।
जहां उपचार के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी से मौत की पुष्टि हुई है। नवाबगंज एसओ बृजेश चंद्र यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है। आसपास के लोगों से भी यह जानने की कोशिश की जाएगी कि किसी ने संदिग्ध व्यक्ति को नवजात को यहां फेंकते हुए तो नहीं देखा है।
बन्नीपुरवा निवासी मुकेश ने बताया कि सुबह करीब 9:30 वह गंगा बैराज से जा रहा था। देखा कि कपड़े में लिपटे एक नवजात को कुत्ता नोच रहा है। उन्होंने पत्थर मारकर कुत्ते को भगाया फिर भागकर मासूम के पास पहुंचा। कुत्ते ने नवजात का चेहरा बुरी तरह से नोच डाला था।
इसी बीच मौके पर लोग जमा हो गए और पुलिस भी आ गई। कांस्टेबल कल्पना मौर्या, लवकेश उसे लेकर हैलट पहुंचे। उपचार के करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। इधर, बैराज पर जुटे लोग कलेजे के टुकड़े को इस तरह फेंकने वाले को कोस रहे थे। महिलाएं कहने लगीं यदि बच्चे को नहीं पालना था तो किसी अनाथालय के सामने छोड़ देते।
इस तरह आवारा जानवरों के बीच बच्चे को फेंकने का काम कोई हैवान ही कर सकता है। मासूम लड़का था, इसको लेकर भी कई तरह की बातें होती रहीं। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी से मौत की पुष्टि हुई है।