पूर्व प्रधान के भाई की हत्या के 35 साल पुराने मामले में रविवार को पुलिस ने साधु वेश धारण किए हत्यारोपी शिवशरण उर्फ मुंशी दुबे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। एक माह पहले हाईकोर्ट ने सजा बहाल कर गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। मामला यूपी के फतेहपुर जिले का है।
मुंशी दुबे असोथर थाने के ऐंझी गांव का निवासी है। एसओ राजेश मौर्या ने बताया कि मुंशी दुबे ने 1982 में गांव के ही लक्ष्मी की हत्या की थी। उसके साथ कई अन्य भी थे। आरोपियों को 1984 में जिला कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। आरोपी कुछ साल सजा काटने के बाद हाईकोर्ट चले गए थे। वहां से जमानत पर जेल से छूट गए। हाईकोर्ट ने आरोपियों की जमानत रद कर सजा बहाल कर दी है। एक आरोपी शत्रुघ्न सिंह को पिछले माह पकड़ा गया था। दूसरा आरोपी मुंशी दुबे फरार था। उसकी वर्तमान की कोई फोटो भी पुलिस के पास नहीं थी। इन दिनों यह साधु वेश में घूमता रहा है। कई लोगों से तस्दीक के बाद कस्बे से ही उसे पकड़ा गया है।