मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले में शामिल स्टूडेंट्स की तलाश में एमपी एसटीएफ और एमपी एसआईटी ने सोमवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में छापा मारा।
टीम को एक हफ्ते पहले दी गई 13 स्टूडेंट्स की सूची में 11 स्टूडेंट्स की तलाश थी। बीएच वन और बीएच टू हॉस्टल में टीम ने तलाशी कराई तो नोटिस वाला कोई भी स्टूडेंट नहीं मिला।
इस पर एसटीएफ और एसआईटी ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल पर नाराजगी भी जताई। एसआईटी ने काकादेव के दो कोचिंग संस्थानों पर भी छापा मारा और कुछ स्टूडेंट्स के रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
कई स्टूडेंट्स को नोटिस देने के बाद भी कॉलेज में क्लास अटैंड करने और एग्जाम देने की खबर जांच टीमों को मिली है।
एमपी एसटीएफ के जबलपुर की टीम इंस्पेक्टर राजेश कुमार के नेतृत्व में सुबह मेडिकल कॉलेज पहुंच गई लेकिन संदिग्ध स्टूडेंट्स पहले ही गायब हो चुके थे।
दोपहर बाद तकरीबन दो बजे टीम के सदस्यों ने प्रिंसिपल से मुलाकात की। इस बीच सागर एसआईटी की टीम इंस्पेक्टर केएस ठाकुर के नेतृत्व में कॉलेज पहुंची।
एक ओर इंस्पेक्टरों ने प्रिंसिपल से मुलाकात की और दूसरी ओर टीम के सदस्यों ने हॉस्टल की तलाश ली। एसटीएफ जबलपुर की टीम को 11 और एसआईटी सागर की टीम को एक स्टूडेंट की तलाश थी।
एसटीएफ और एसआईटी ने प्रिंसिपल से 12 स्टूडेंट्स के संबंध में जानकारी की। प्रिंसिपल ने टीम से एक घंटे का समय मांगा और फिर चले गए।
तकरीबन एक घंटे बाद प्रिंसिपल वापस आए और टीम से बात की। उन्होंने टीम को बताया कि कोई भी स्टूडेंट कॉलेज में नहीं है। इस पर टीम ने उनसे यह लिखकर देने को कहा।