फतेहपुर में ऐतिहासिक मंदिर के बाहर लगी भक्तों की भीड़
- फोटो : सीपी सिंह
यूपी के फतेहपुर जिले में बने ऐतिहासिक राधा कृष्ण मंदिर से बेशकीमती मूर्तियां शुक्रवार सुबह कहीं गायब हो गईं। मूर्तियां न होने से भक्तों में आक्रोश फैल गया। हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराने के लिए पूरे इलाके में पुलिस लगाई गई है। मूर्तियों की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। करीब डेढ़ सौ साल पहले बसंत पंचमी के दिन राधा-कृष्ण की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। दोनों अष्टधातु की मूर्तियां 20-20 किलो की थीं।
शुक्रवार की सुबह फतेहपुर जहानाबाद थाना क्षेत्र के अमोली बुढ़वा गांव में बने राधा कृष्ण मंदिर से राधा-कृष्ण की डेढ़ सौ साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां गायब होने से भक्तों में आक्रोश व्याप्त हो गया। मौके पर पहुंचे सीओ ने पहुंचकर लोगों को जल्द खुलासे का भरोसा दिया है।
मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा जमींदार वृंदावन गुप्ता ने कराई थी उनके नाती कानपुर नयागंज में सराफा का कारोबार करने वाले मोहन गुप्ता ने बताया कि इस साल बसंत में प्राण प्रतिष्ठा के 149 वर्ष पूरे होने हैं। दोनों मूर्तियां 20-20 किलो की थी। चोर चांदी का मुकुट सोने का पानी लगी चांदी की बांसुरी, राधा की नथनी, 5 ग्राम सोना भी उठा ले गए हैं।
पुजारी राज विशंभर मिश्रा ने बताया कि वह रात में 8:00 बजे ताला बंद कर बुढ़वा गांव में अपने घर चले गए थे। सुबह 9:30 बजे आए तो बाहर से कुंडी बंद थी। ताला कहीं नहीं मिला। जमीन पर बुरादा पड़ा होने की वजह से माना जा रहा है कि चोरों ने ताला काटकर वारदात को अंजाम दिया है सूचना मिलते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए और उन्होंने नाराजगी जताई। मंदिर बीच गांव में स्थित है। जहानाबाद सीओ आर के वर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस तफ्तीश में जुट गई है जल्द ही खुलासा किया जाएगा।