हैलट में जूनियर डॉक्टर ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की बहू फूलमती (65) के साथ अभद्रता की। उनके तीमारदार मनोज ने विरोध किया तो जूनियर डॉक्टर मारपीट पर उतारू हो गए। गाली-गलौज कर मोबाइल भी तोड़ दिया।
इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने मनोज को घेरकर हैलट में पीटा और भाग निकले। मनोज की तहरीर पर स्वरूप नगर थाने में जूनियर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नौबस्ता पुरानी बस्ती निवासी सीताराम वर्मा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. डन्कई प्रसाद के बेटे हैं। इनकी पत्नी फूलमती शुगर और किडनी की बीमारी से पीडि़त हैं। एडीएम सिटी ने फूलमती के निशुल्क इलाज के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को लिखित आदेश दिया था।
इस पर उनका हैलट के वार्ड नंबर -14 में इलाज चल रहा था। रविवार रात को जूनियर डॉक्टर ने तीमारदार मनोज मिश्रा से ग्लब्स, इंजेक्शन और कुछ दवाइयां बाहर से लाने के लिए कहा। इस पर फूलमती ने फ्री इलाज का हवाला दिया। इस पर जूनियर डॉक्टर भड़क गया और अभद्रता करने लगा।
मनोज ने जेब से फोन निकाला तो जूनियर डॉक्टर ने मोबाइल तोड़ दिया, गाली-गलौज करने लगे। तभी अन्य जूनियर डॉक्टर आ गए और मनोज से मारपीट करने के बाद भाग निकले। इंस्पेक्टर ने बताया जूनियर डॉक्टरों की पहचान की जा रही है।
छात्रा को खींचा, कपड़े फाड़े
मोतीझील के सामनेे बाइक सवार शोहदों ने छेड़खानी का विरोध करने पर युवती को लात घूंसों से पीटा। उसके कपड़े तक फाड़ दिए। बेटी को बचाने दौड़ी मां को भी नहीं बख्शा। शोहदों ने महिला के साथ मारपीट कर उसे धकेल दिया। इस घटना की जांच करने पहुंची स्वरूप नगर थाना पुलिस का कहना है कि शोहदों की बाइक का नंबर पता चल गया है।
घाटमपुर जाजपुर निवासी महिला शनिवार रात बेटी को दिखाने हैलट आई थी। पैदल घर लौटने के दौरान मोतीझील के सामने अंधेरे का फायदा उठाकर बाइक सवार दो शोहदों ने बेटी का हाथ पकड़ लिया। वे जबरन युवती को बाइक पर बैठाने के लिए जोर जबरदस्ती करने लगे।
मां के विरोध करने पर शोहदों ने युवती को लात-घूसों से पीटकर गिरा दिया। उसका चेहरा नोच लिया। यहां तक कि मारपीट में युवती के कपड़े फट गए। शोहदों के दुस्साहस को देखकर मौके पर मौजूद लोग दौड़ पड़े। इस पर बाइक पर बैठकर शोहदे फरार हो गए। इंस्पेक्टर कमल यादव ने बताया कि बाइक नंबर के आधार पर शोहदों का पता लगाया जा रहा है। शोहदों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।