अगर आप शराब के शौकीन हैं तो जरा अलर्ट हो जाइए, क्योंकि शराब के नाम पर मिलावट का खेल बर्रा आठ स्थित शराब की दुकान में चल रहा है। यह बात यूं ही नहीं कही जा रही है।
पुलिस की सूचना पर जब आबकारी टीम दुकान पर पहुंची तो वहां शराब की खुली बोतलें और रिफलिंग के लिए रखी खाली बोतलें मिलीं। पर आबकारी टीम कार्रवाई के बजाए इसे मामूली बात बताकर पल्ला झाड़ने लगी। चलिए दुकान संचालक की बात मान लेते हैं मिलावट नहीं हो रही है, पर दुकान में खुली बोतलें क्यों रखी हैं?
क्या दुकान से शराब की खुली बिक्री की जा रही है? अब इन्हें कौन समझाए कि कौन अक्लमंद होगा जो दुकान से सील टूटी बोतल खरीदकर ले जाएगा। इधर बर्रा पुलिस को और दुकान के बाहर भीड़ देख आबकारी टीम दुकान मालिक को तीन दिन में जवाब देने का नोटिस थमाकर चलती बनी।
बर्रा पुलिस को पता चला कि बर्रा स्थित संजू गुप्ता की दुकान से मिलावटी अंग्रेजी शराब बेची जा रही है। इस पर पुलिस ने पहले आबकारी इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह को मौके पर बुलाया फिर आबकारी अधिकारी देवराज भी दुकान पर पहुंच गए।
दुकान की जांच पड़ताल के दौरान टीम को वहां शराब की तीन चार बोतलें खुली मिली जबकि दुकान में बिछे बिस्तरों के नीचे से टीम को खाली क्वार्टर और बच्चा (मिनिएचर,100 एमएल की) शीशी मिली। इससे साफ लग रहा था कि खुली बोतलों से शराब में पानी अथवा केमिकल मिलाकर इन खाली शीशियों में भरकर बेचा जा रहा है।
इसके बावजूद अफसरों ने न तो दुकान पर मौजूद संचालक अमित से कोई सवाल किया और न सेल्समैन शिव कुमार से खाली बोतलों के बाबत जानकारी ली। मीडिया के सवालों पर टीम ने कहा कि तीन-चार खुली बोतलें कभी सप्लाई में गलती से आ जाती है, मामूली बात है, मिलावट जैसा कुछ नहीं है।
नमकीन के बदले लेते खाली क्वार्टर
शराब के शौकीनों ने बताया कि दुकानों में पांच रुपये की नमकीन देकर दुकान के सेल्समैन क्वार्टर की खाली बोतलें उनसे ले लेते हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो इन्हीं बोतलों में शराब में पानी मिलाकर भरा जाता है।
रात 11 बजे के बाद जब दुकानें बंद हो जाती है तो शटर के नीचे से चोरी-छिपे यही मिलावटी शराब धड़ल्ले से बेची जाती है। एक बोतल से पांच क्वार्टर मिलावटी शराब तैयार की जाती है।