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शेर और बाघ की खाल निकालकर विदेश में करते थे सप्लाई, एसटीएफ ने दबोचा

Tue, 07 Feb 2017 08:14 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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पुलिस की गिरफ्त में अपराधी
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शेर और बाघ की खाल व नाखून की तस्करी से जुड़े मोहम्मद शमीम को यूपी एसटीएफ और एमपी की टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने देर रात कानपुर से गिरफ्तार किया। सोमवार को टाइगर स्ट्राइक फोर्स शमीम को लेकर भोपाल चली गई। शमीम के घर 2001 में भी दबिश पड़ चुकी है, तब जानवरों की खाल व नाखून बरामद हुए थे। 
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रघुवीर ने अपना गुनाह कबूल किया
राजगढ़ के नरसिंहगढ़ वनमंडल के अफसरों ने वर्ष 2001 में मध्य प्रदेश में शेर, टाइगर और अन्य प्रतिबंधित पशु-पक्षियों का शिकार एवं तस्करी का मामला दर्ज किया था। इस मामले में पहले बाबूलाल और फिर गुना के रघुवीर की एमपी पुलिस ने गिरफ्तार किया। रघुवीर ने अपना गुनाह कबूल करते हुए वन और पुलिस अफसरों को बताया कि उसका गैंग शेर और बाघ का शिकार कर उसकी खाल और नाखून की तस्करी करते हैं। खाल की सप्लाई भारत के अलावा दूसरे देशों में भी की जाती थी।

कॉल डिटेल से मिला शमीम का मोबाइल नंबर 
रघुवीर ने बताया कि वह अनवरगंज कानपुर के कुलीबाजार निवासी मोहम्मद शमीम को खाल और नाखून सप्लाई करता था। पुलिस और वनमंडल के अफसरों ने रघुवीर के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली, जिसमें शमीम के मोबाइल नंबर मिले। इससे रघुवीर की बातों की पुष्टि हो गई। इसके बाद राजगढ़ की क्षेत्रीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने यूपी एसटीएफ से शमीम की गिरफ्तारी के लिए मदद मांगी। एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक और एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी के निर्देश पर एसटीएफ के एसआई पंकज अवस्थी, एसआई अनिल कुमार और टाइगर स्ट्राइक टीम के मोहम्मद शमीम के घर में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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2001 में भी शमीम के घर पड़ी थी दबिश
एसटीएफ ने 2001 में मोहम्मद शमीम के कुलीबाजार स्थित घर में छापा मारकर तमाम जंगली जानवरों की खाल व नाखून बरामद किए थे। उस वक्त शमीम भाग गया था। 2013 में शमीम के भाई शकील को पैंगोलिन की खाल और नाखूनों के साथ गिरफ्तार किया गया था। शमीम मूल रूप से फतेहपुर के खागा का रहने वाला है। उसका कनेक्शन वन्य जीव तस्करों से है। शमीम के भाई शब्बीर हसन कुरैशी उसके बेटे सरफराज, सरताज तथा शब्बीर के साले मोहम्मद अयूब समेत 16 लोगों को एसटीएफ ने 2007 में इलाहाबाद के करेली से तीन बाघों की खाल, हड्डी के साथ गिरफ्तार किया था। इसकी विवेचना सीबीआई ने की थी। कोर्ट से सभी आरोपियों को सात-सात साल की सजा हुई। इसमें शब्बीर की न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी।
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