जूही राखी मंडी निवासी हलवाई विजय का अगवा बेटा आकाश (11) मंगलवार की रात जिस हालत में लौटा, उसे देखकर मोहल्ले वालों के रोंगटे खड़े हो गए। कक्षा पांच में पढ़ने वाले आकाश का चेहरा सूजा था।
एक आंख में खून नजर आ रहा था। गर्दन और पीठ पर अनगिनत चोटों के निशान उस पर हुई बर्बरता की कहानी बयां कर रहे थे। आकाश ने पुलिस को बताया कि शनिवार की सुबह जब वह पेंसिल खरीद कर विनोबा नगर स्थित आरके पटेल स्कूल की जा रहा था, तभी किसी ने उसके चेहरे को रुमाल से दबाकर बेहोश कर दिया।
आंख खुली तो उसने खुद को कासगंज स्टेशन के पास एक होटल में पाया। मौका पाकर वह भाग निकला। एक अंकल आंटी मिले और उसे कासगंज-एटा के सोरो थाने ले गए।
उधर सोरो थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र का कहना है कि बच्चा कहानी बना रहा है। उसे अपहृत नहीं किया गया बल्कि पिता की निर्मम पिटाई से डर कर वह ट्रेन पर बैठकर भाग निकला था और कासगंज स्टेशन पर एक दंपति ने उसे देखकर वहीं रोक लिया और पुलिस को सूचना दे दी।
आकाश ने पुलिस को बताया कि शनिवार सुबह जब किसी ने उसके मुंह पर रुमाल रखा तो इसके बाद उसे होश नहीं रहा। जब होश आया तो होटल में था। बगल में बैठा युवक खाना खा रहा था। शोर मचाया तो युवक ने उसे बुरी तरह पीटा और चुप करा दिया। फिर जंगल के रास्ते उसे किसी गांव के एक कच्चे घर में ले गया।
थोड़ी देर बाद उसे घर से बाहर निकालकर बबूल के पेड़ से बांध दिया। रात भर वह पेड़ से बंधा रहा। अगले दिन रविवार सुबह युवक ने उसे पीट पीटकर मम्मी पापा का मोबाइल नंबर लिया और फोनकर पांच लाख रुपये मांगे। रोने पर युवक ने उसे बबूल की डाल से जमकर पीटा। कई मर्तबा तो उसका मुंह खेत के कीचड़ में भी डाला।
दोपहर में युवक ने खेत में गढ्ढा खोदकर उसे जिंदा गाड़ने की तैयारी कर रखी थी। इसी बीच किसी तरह वह भाग निकला। उसे पहले एक आंटी मिलीं और फिर पीछे से मूंछ वाले अंकल आ गए।
दोनों ने उसकी हालत देखी और पूरी कहानी सुनने के बाद पुलिस को सूचना कर दी। तब तक आसपास के लोगों की मदद से अंकल-आंटी ने युवक की पिटाई भी शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस आई और दोनों को लेकर सोरों थाने आ गई। यहीं से उसके घरवालों को भी खबर की गई।