बर्रा के ट्रांसपोर्टर राधेश्याम के बेटे रजत (12) का 30 लाख की फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया। अपहर्ताओं के मंसूबे सफल हो पाते, इससे पहले पुलिस ने गांव के लोगों की मदद से रजत को घाटमपुर के कुंवरपुर गांव से सकुशल बरामद कर लिया। रजत रात आठ बजे खाना खाकर घर के बाहर टहलते वक्त अगवा किया गया था। इसे भूसे के एक कमरे में बांधकर रखा गया था। गोविंद नगर सीओ ओम प्रकाश सिंह और बर्रा पुलिस ने रजत को शहर लाकर परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस अब पड़ोसी कालीचरन समेत चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
परिवार मूलरूप से श्यामपुर बेराजोर (कानपुर देहात) का रहने वाला है। पिता राधेश्याम के दो ट्रक चलते हैं। यहां बर्रा में जरौली फेज-2 के ईडब्लूएस 271 में राधेश्याम, पत्नी ललिता और रजत रहते हैं। रजत क्षेत्र के सर दीवान पब्लिक स्कूल में कक्षा छह का छात्र है। बड़ा बेटा मोहित और छोटी बेटी ज्योति गांव में रहते हैं। कुछ दिनों से ज्योति यहीं रह रही है। राधेश्याम ने बताया कि रविवार रात रजत खाना खाने के बाद घर के बाहर टहलने के लिए निकला था। एक घंटे तक बेटा नहीं लौटा तो वह लोग तलाशने निकले। बकौल राधेश्याम रात लगभग सवा 10 बजे उनके मोबाइल पर एक फोन आया। कहा गया कि 30 लाख रुपये कल (सोमवार) तक तैयार रखो, तुम्हारा बेटा मेरे कब्जे में है। होशियारी दिखाई या पुलिस को पता चला तो बेटे को काट कर फेंक देंगे। इसके बाद फोन काट दिया गया। उनके फोन मिलाने पर वह स्विच ऑफ बताता रहा। राधेश्याम के मुताबिक उन्होंने फौरन बर्रा पुलिस को घटना की जानकारी दी। फिरौती और अपहरण की बात सुन पुलिस अफसर फौरन हरकत में आ गए। गुपचुप तरीके से पड़ताल शुरू की गई। पड़ोस में रहने वाले कालीचरन को शक के आधार पर उठाया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी। इधर क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम ने कालीचरन और फिरौती का फोन आने वाले नंबर का सीडीआर निकाला गया। सर्विलांस पर कई संदिग्धों के मोबाइल नंबर लगाए गए। जिस नंबर से फिरौती मांगी गई थी, उसका सिम घाटमपुर के एक शख्स की आईडी पर लिया गया था। पुलिस को छानबीन में पता चला कि नौबस्ता की एक दुकान से फिरौती मांगने में प्रयुक्त यह सिम खरीदा गया था। इसके बाद बर्रा पुलिस, क्राइम ब्रांच को भी सक्रिय कर दिया गया। इधर, पिता और रजत के परिवार से जुड़े लोगाें ने बताया कि पकड़े गए कालीचरन के चाचा जय सिंह घाटमपुर के पतारा कुंवरपुर गांव में रहते हैं। रजत को गांव के ही ट्यूबवेल के पास बने एक भूसे के कमरे में बांध कर रखा गया था। इसके हाथ-पैर बंधे और मुंह में तौलिया ठूंसा गया था। किसी तरह रजत के शोर मचाने पर गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी थी। पिता के मुताबिक जब यहां से पुलिस पहुंची तो दरवाजा तोड़कर रजत को निकाला जा रहा था। राजू, केके और जय सिंह को जय सिंह के ही घर से पकड़ा गया है। देर रात तक बर्रा थाने में चारों युवकों से पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। पुलिस अफसरों ने इस बाबत कुछ भी बताने से इंकार किया है।