केस्को टीम के मंगलवार को फेथफुलगंज के एक मदरसे में छापा मारने पर बवाल हो गया। चेकिंग के बाद केस्को टीम जैसे ही मदरसे से बाहर निकली तो भीड़ ने हमला बोल दिया।
कर्मचारियों को घेर लिया और सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर कर पीटा। बीच-बचाव करने पर भीड़ ने पुलिस टीम पर भी पथराव किया। पुलिस की जीप के शीशे तोड़ दिए।
किसी तरह केस्को कर्मचारियों ने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। आरोप है कि छापेमारी के दौरान हुए बवाल में दहशत के चलते अधेड़ खुर्शीद की जान चली गई।
इससे लोगों में ज्यादा गुस्सा था। हालांकि परिजनों ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि खुर्शीद की मौत स्वाभाविक है।
रात में उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इधर, रेलबाजार थाने में टीम में शामिल केस्को के जेई ने हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। बवाल की सूचना पर सीओ कैंट पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसओ रेलबाजार, एसओ चकेरी और एसओ छावनी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
बिजली चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत मंगलवार को फेथफुलगंज सब स्टेशन के जेई वीके पांडे, नफीस खान, एसडीओ अनिल दुबे, लाइन मैन धर्मेंद्र और पिंटू क्षेत्र में चेकिंग के लिए निकले। इनके साथ रेल बाजार थाने की पुलिस भी थी।
टीम दोपहर करीब पौने दो बजे टीम दरी मार्केट के मदरसा जामिया मोहम्मदिया पहुंची। मदरसा संचालक सरदार खां के मुताबिक टीम ने यहां पर लगे मीटर को चेक किया। बिल देखा और केस्को कर्मी चले गए। इसी दौरान मदरसे के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मदरसे में छापेमारी किए जाने का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। केस्को कर्मियों से धक्कामुक्की की। इसके बाद सड़क पर दौड़ाकर केस्को कर्मियों को पीटा गया। पुलिसकर्मी बीच-बचाव करने दौड़े तो भीड़ ने पथराव कर दिया।
पथराव में पुलिस की गाड़ी का शीशा टूट गया। बवाल की सूचना पर सीओ कैंट, एसओ रेलबाजार, एसओ चकेरी और एसओ छावनी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक रघुनंदन भदौरिया भी पहुंचे। पुलिस अफसरों ने आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया।
केस्को के जेई का कहना है कि मदरसे के बाहर बोर्ड नहीं था। इस वजह से पता नहीं चला कि यह मदरसा है। हालांकि चेकिंग में मदरसे में कोई गड़बड़ी नहीं मिली हैं। भीड़ ने टीम पर हमला क्यों किया, वह अब तक समझ नहीं पाए हैं।
बकौल जेई शनिवार से बिजली चोरों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
इधर, इलाकाई लोगों का आरोप है कि बवाल के दौरान मदरसे के पास रहने वाले खुर्शीद (50) की हार्ट अटैक से हुई मौत को कुछ लोग दहशत से पड़ा अटैक बता रहे हैं। परिजनों ने इस बात से इनकार किया है।
भांजे रहीम का कहना है कि खुर्शीद कई दिनों से बीमार चल रहे थे। खुर्शीद की मौत स्वाभाविक है। इस वजह से थाने में किसी तरह की शिकायत नहीं की।
एसओ रेलबाजार शाबिद सिद्दीकी का कहना है कि केस्को जेई ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है। बकौल एसओ केस्को और पुलिस टीम से मारपीट और पथराव नहीं हुआ है। हंगामा हुआ था।
मदरसा के बाहर स्कूल का बोर्ड नहीं लगा था। केस्को टीम को भी नहीं पता था कि वे लोग जहां जा रहे हैं वह मदरसा है। मदरसा में चेकिंग के बाद टीम निकली तो लोगों ने हंगामा किया पर मारपीट और पथराव नहीं हुआ। फिर भी तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ कैंट