गृह मंत्रालय की ओर से जारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में सामने आया है कि कानपुर शहर साइबर क्राइम में यूपी में पहले नंबर पर है। अगर देश स्तर पर देखा जाए तो शहर पूरे देश में साइबर क्राइम के मामलों में चौथे नंबर पर आता है। देश स्तर पर शहर की यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में 2015 में उत्तर प्रदेश में आईटी एक्ट के तहत साइबर फ्राड के कुल 2161 मामले दर्ज हुए। जिसमें से कानपुर कुल 338 मामलों के साथ पहले नंबर पर है। वहीं उत्तर प्रदेश में दूसरे नंबर पर लखनऊ है। लखनऊ में कुल 329 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा इलाहाबाद में 152 मामले और आगरा में 85 मामले दर्ज हुए हैं। साइबर क्राइम के मामलों में ज्यादातर मामले एटीएम का़र्ड का पिनकोड और सीवीवी नंबर पूछकर खाते से रुपये गायब कर देना सामने आया है।
दिल्ली मुंबई को पीछे छोड़ा
साइबर फ्रॉड के मामलों में कानपुर ने दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों को भी पीछे कर दिया है। दिल्ली में जहां 90 मामले दर्ज हुए तो मुंबई में 26 मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि सबसे ज्यादा कुल 1041 मामलों के साथ बंगलूरू देश में पहले नंबर पर है। इसके बाद जयपुर में 459 मामले दर्ज हुए हैं। हैदराबाद में 354 मामले दर्ज हुए हैं।