ज्योति हत्याकांड में शुक्रवार को स्वरूप नगर पुलिस ने ज्योति के पति पीयूष को फर्जी आईडी पर दो सिम कार्ड देने के आरोप में मोबाइल शाप मालिक गजेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गजेंद्र पीयूष की बिस्कुट फैक्ट्री में नौकरी भी करता है। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
एसएसपी के. सुनील इमैनुएल ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कांफ्रेंस में गजेंद्र की गिरफ्तारी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गजेंद्र गोविंद नगर के नौरैया खेड़ा का रहने वाला है। वह पिछले एक दशक से ओम प्रकाश श्याम दासानी (पीयूष के पिता) की अपट्रान स्टेट पनकी स्थित स्वाती बिस्कुट फैक्ट्री में नौकरी करता है।
गजेंद्र की अपने घर के बाहर ओम मोबाइल शॉप है। गजेंद्र ने बताया कि ज्योति की हत्या से कुछ समय पहले पीयूष ने उसे एक वोटर आईडी दी, जो बांदा के ग्राम खौड़ा निवासी शंकर की थी।
इस आईडी का वेरिफिकेशन किए बिना ही गजेंद्र ने एक निजी कंपनी के दो सिम कार्ड पीयूष को जारी कर दिए। एसपी पूर्वी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि एक सिम को गजेंद्र ने अपनी शॉप के मोबाइल से एक्टिवेट किया था,
जबकि दूसरा सिम हत्यारोपी मनीषा माखीजा के मोबाइल से एक्टिवेट हुआ था। इससे साफ जाहिर है कि मनीषा का सिम गजेंद्र की शॉप पर ले जाया गया था। दोनों सिम कार्डों में एक मनीषा और दूसरा पीयूष इस्तेमाल कर रहे थे। ज्योति मर्डर केस में साजिश रचने में हुई बातचीत में इन सिम कार्डों का इस्तेमाल हुआ है।
एसपी के मुताबिक जिस वोटर आईडी पर सिम जारी हुए थे, उसकी जांच कराई गई है। डीएम बांदा और खौड़ा गांव के प्रधान की रिपोर्ट आ गई है।
रिपोर्ट में लिखा गया है कि उक्त नाम का कोई भी व्यक्ति गांव में नहीं रहता। वोटर आईडी फर्जी है। फोटो भी फर्जी लगा है।
पूरी छानबीन के बाद ही गजेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। ज्योति मर्डर केस के विवेचक इंस्पेक्टर स्वरूप नगर राजीव द्विवेदी की तहरीर पर गजेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज हुआ है।