जिला जज अरुण कुमार गुप्ता की कोर्ट में मंगलवार को ज्योति मर्डर केस की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील ने हाईकोर्ट का आदेश दाखिल किया। इसमें बचाव पक्ष के वकील को अभियुक्तों के बीच हुई मोबाइल पर बातचीत की सीडीआर देने का आदेश दिया गया है। अब सभी अभियुक्तों के खिलाफ चार्ज और बाइक रिलीज की अर्जी पर 25 मई को सुनवाई होगी।
अभियुक्त पीयूष श्यामदासानी की जमानत अर्जी पर 18 मई को सुनवाई होगी। अभियुक्त ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी, मनीषा मखीजा, अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष को कड़ी सुरक्षा में जेल से कोर्ट लाया गया।
शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र पाल सिंह और ज्योति के पिता शंकर नागदेव के अधिवक्ता दामोदर मिश्र ने बताया कि जिला जज कोर्ट ने पीयूष और मनीषा की रिवीजन अर्जी खारिज कर दी थी। इस अर्जी में धारा 207 के तहत कमिट होने वाले सभी प्रपत्र न मिलने की बात कही गई थी।
इसलिए चार्ज तय न किया जाए। इसके खिलाफ बचाव पक्ष के वकील हाईकोर्ट गए थे। इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देने से इनकार करते हुए अभियुक्तों के खर्चे पर सीडीआर की फोटोकॉपी देने का आदेश दिया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सईद नकवी ने हाईकोर्ट का यह आदेश जिला जज कोर्ट में दाखिल किया।
इसलिए बचाव पक्ष के वकीलों को अब सीडीआर की फोटोकॉपी दी जाएगी। कोर्ट ने सभी अभियुक्तों के चार्ज तय करने के लिए 25 मई की तारीख लगाई है।
पीयूष श्यामदासानी के पिता ओम प्रकाश, मां पूनम, चचेरे भाई मुकेश और कमलेश को हत्या, हत्या की साजिश करने और साक्ष्य छिपाने का आरोपी बनाए जाने की अर्जी पर पहले ही बहस पूरी हो गई है। इस मामले पर भी 25 मई को फैसला सुनाया जा सकता है।