फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईशा हत्याकांड के आरोपी को गोली मारी

Fri, 08 Jan 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
किदवईनगर में गुरुवार देर रात चर्चित ईशा हत्याकांड के आरोपी मनीष कठेरिया को गोली मार दी गई। मनीष का आरोप है कि ईशा और उसके परिवार वालों के साथ मिलकर क्षेत्र में ही रहने वाले सुनील यादव एडवोकेट ने उसे पहले मारा-पीटा, फिर गोली मार दी।
विज्ञापन


गोली मनीष के पैर में लगी है। वहीं वकील का कहना है कि मनीष ने ही उसके साथ अभद्रता की और कार में रखी उसकी रिवाल्वर लेकर भाग निकला। इंस्पेक्टर फाजिल सिद्दकी का कहना है कि फिलहाल मनीष को मेडिकल के लिए भेजा गया है। तहरीर लेकर मामला दर्ज किया जाएगा।

मालूम हो कि मनीष हाल ही में दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह की पत्नी ईशा की हत्या के मामले में जमानत पर छूट कर आया है। मनीष का कहना है कि देर रात वह दीप सिनेमा के सामने स्थित होटल से पानी की बोतल लेने गया था। वहीं पर क्षेत्र में रहने वाले वकील  सुनील यादव, ईशा के मामा और उसके अन्य घरवालों के साथ मौजूद थे।
विज्ञापन


उसे देखते ही वकील ने उस पर हमला बोल दिया और अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चला दी। गोली उसकी जांघ में लगी। वहीं सुनील का कहना है कि होटल के सामने मनीष उससे यह कहकर उलझ गया था कि उसी ने हत्याकांड के बाद उसकी मुखबिरी की है।

इसी बात को लेकर पहले मनीष ने मारपीट की और फिर कार में रखी उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर व चाबी लेकर चला गया। इंस्पेक्टर का कहना है कि वकील को पकड़ लिया गया है। मेडिकल होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। उधर बताया जाता है कि ईशा हत्याकांड से पहले वकील और मनीष के बीच काफी दोस्ती भी थी।

सूत्रों का कहना है कि गुरुवार रात घटना के वक्त भी दोनों साथ ही बैठकर खा पी रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानंे तो उसी वक्त सुनील और मनीष के बीच किसी कालोनी के रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद मारपीट और फायरिंग हुई है। 

यह है ईशा हत्याकांड
काकादेव निवासी ईशा से दरोगा ज्ञानेंद्र ने प्रेम विवाह किया था। ईशा की मां के अनुसार नजीराबाद में तैनाती के दौरान दरोगा का ईशा के घर आना-जाना हो गया था और इसके बाद ही दोनों ने रजामंदी से विवाह कर लिया। दरोगा की पहले से भी एक पत्नी थी।

इस पर कलह होने लगी तो एक दिन दरोगा, ईशा को घूमने के बहाने ले गया और अपने साथी मनीष कठेरिया, उसकी प्रेमिका और एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर कार में गला काटकर ईशा की हत्या कर दी और धड़ महोबा के पास जंगल में छिपा दिया। बाद में पुलिस ने धड़ बरामद कर लिया था लेकिन सिर आज तक नहीं मिला। इस मामले में दरोगा अब भी जेल में है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें