रूरा प्लेटफार्म पर थूकने के विवाद में आधा सैकड़ा लोगो ने प्लेटफार्म पर पहुंच हंगामा किया। विरोध बढ़ने पर सिविल पुलिस को मौके पर पहुंच हालात पर काबू करना पड़ा।
आरपीएफ ने दो दर्जन लोगो पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, अराजकता फैलाने एंव आरोपियों को छुड़ा ले जाने का मुकदमा पंजीकृत किया गया है। रूरा रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म पर खडे़ लोगो ने मसाला खाकर थूंक दिया। प्लेटफार्म
गंदा करने के आरोप में आर पी एफ सिपाही आर के उपाध्याय एंव राजेश कुमार यादव ने स्थानीय निवासी राजेश बाबू को पकड़ लिया और थूंकने का विरोध किया।
मामला स्थानीय होने के कारण आधा सैकड़ा लोग प्लेटफार्म पर एकत्र हो गए और आरपीएफ सिपाहियों पर दबाव बनाने लगे। विरोध बढ़ता देख आरपीएफ को सिविल पुलिस बुलानी पड़ गई। मामला शांत हो सका।
राजेश बाबू ने आरपीएफ सिपाहियों पर मारपीट और जेब में पड़े 34 हजार रूपये एंव मोबाइल फोन छीन लेने का आरोप लगाया है। इधर आरपीएफ चौकी प्रभारी के.के.पांडेय ने बताया कि उच्चाधिकारियों की ओर से प्लेटफार्म पर थूकने या धूम्रपान करने पर 500 रूपये के जुर्माने का प्राविधान है।
ट्रेन के समय दोनों सिपाहियों ने थूंकते हुए धर दबोचा जिसका उक्त लोग विरोध करने लगे तथा सैकड़ों की तादाद में भीड़ चौकी पर एकत्र हो गयी, वहीं इस बीच मौका देखकर जुर्माने के आठ मुजरिम भाग गए।
भीड़ को देखते हुए सिविल पुलिस को बुलाना पड़ा। सूचना पर पंहुचे आरपीएफ थाना फफूंद प्रभारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 25 लोगों पर प्लेटफार्म पर आकर सरकारी कार्य में बाधा डालने, अराजकता फैलाने एंव मुजरिमों को छुड़ा ले जाने का मुकदमा पंजीकृत किया गया है। जिसमें 12 ज्ञात व 13 अज्ञात लोग शामिल है।