‘शहर के सलमान कांड’ में दो मजदूरों को रौंदने वाली कार के मालिक सुधीर शाह को पुलिस नोटिस देने की तैयारी कर रही है। इन्हें एमवी एक्ट की धारा 133 के तहत यह नोटिस दी जाएगी। ताकि पता चल सके कि कार मालिक केदिवंगत होने के बाद कार का प्रयोग कौन कर रहा था? हादसे के वक्त कार कौन ड्राइव कर रहा था ?
दो बार नोटिस के बाद सुधीर शाह बयान देने नहीं आएंगे तो उन्हें और उनके बेटे अंशुल को दोषी मान लिया जाएगा। अंशुल का नाम कॉल डिटेल और सर्विंलांस की लोकेशन से खुला है।
तिलक नगर में गोपालय गेस्ट हाउस के सामने नौ मई की रात एक अनियंत्रित कार ने फुटपाथ पर सो रहे दो मजदूरों राजाराम सैनी और लल्ली पांडेय को कुचल दिया था। दोनों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद कार की नंबर प्लेट मौके पर गिर गई थी।
बाद में कोहना पुलिस ने आर्यनगर के आनंद एमवीआर अपार्टमेंट की पार्किंग से मजदूरों को कुचलने वाली कार बरामद कर ली थी। छानबीन के बाद एसएसपी शलभ माथुर ने बताया था कि हादसे के समय कार अंशुल शाह ड्राइव कर रहा था। मामले को एक्सीडेंट की धारा 304 ए से गैर इरादन हत्या 304 में तरमीम किया गया है।
मालूम हो कि सुधीर शाह ड्राइवर सफीपुर उन्नाव निवासी ओम प्रकाश पर हादसे का दोष मढ़ने की कोशिश में लगातार कर रहे हैं। अंशुल का नाम खुलने के 48 घंटे बीत गए हैं पर कोहना एसओ रणजीत सिंह उसे नहीं पकड़ सके हैं।
एसओ का दावा है कि सुधीर शाह के आनंद एमवीआर अपार्टमेंट स्थित घर और हैरिसगंज रेलबाजार में फर्म के दफ्तर में कई बार दबिश दी गई। दोनों जगहों पर ताले लटके मिले हैं। लगातार सुधीर शाह और उनके बेटे की खोज चल रही है।
एसओ ने बताया कि ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई में कानूनी दांव-पेंच न फंसे। इसलिए सुधीर शाह को एमवी एक्ट के तहत नोटिस दिया जाएगा। उनसे कार के रजिस्टर्ड मालिक बृजलाल बहुदरदास शाह के दिवंगत होने के बाद कार कौन प्रयोग कर रहा था? कार के रजिस्ट्रेशन में नाम क्यों नहीं बदलवाया गया? हादसे की रात कार कौन चला रहा था?
ड्राइवर ओम प्रकाश उस वक्त कहां था? अंशुल कहा था? इस तरह केतमाम सवालों के जवाब जानने का प्रयास होगा। दो बार नोटिस देने के बाद भी सुधीर शाह सामने आकर बयान नहीं दर्ज कराएंगे तो उन्हें ही दोषी मान कर कार्रवाई की जाएगी।