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बिधनू में बरपा डकैतों का कहर

Wed, 16 Dec 2015 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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बिधनू के छौंकी गांव में सोमवार रात असलहों से लैस पांच-छह नकाबपोश बदमाशों ने रिटायर्ड हेडमास्टर के घर धावा बोल लाखों के जेवर-नगदी लूट ली। विरोध करने पर रिटायर्ड हेडमास्टर और पड़ोसी युवक को गोली भी मारी।
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ग्रामीणों ने एक बदमाश को दबोचने में सफलता पा ली। पिटाई के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पकड़े गए बदमाश से पूछताछ के बाद पुलिस ने गांव के ही एक शातिर को गिरफ्तार किया है।

गोली से घायल रिटायर्ड हेडमास्टर और युवक को हैलट में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। एसएसपी शलभ माथुर, एसपी ग्रामीण सुरेंद्र तिवारी ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
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दो साल पहले रामखेड़ा गांव के प्राइमरी स्कूल से रिटायर हुए हेडमास्टर रामबिलास की छोटी बहू प्रियंका उर्फ रूबी ने बताया कि बदमाश घर से करीब 12 लाख के जेवर और दो लाख कैश ले गए हैं। उसके मुताबिक सोमवार रात आगे के कमरे में सास-ससुर और पीछे के कमरे में वह स्वयं पति समरजीत व चार साल की बेटी शुबी के साथ सोई थी।

पौने एक बजे के करीब अचानक खटपट परउसकी आंख खुल गई। चारपाई के पास दो हट्टे-कट्टे  लोग खड़े थे। दोनों ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। चीखने पर समरजीत उठे और एक बदमाश से भिड़ गए। दोनों बदमाशों ने तमंचे निकाल लिए और समरजीत को पीटने लगे। समरजीत भागकर कमरे से बाहर निकले। वहां वह शोर मचाने लगे।

इधर, सामने के कमरे से ससुर रामबिलास आए तो एक बदमाश ने उनके सिर पर गोली मार दी। वारदात देख रूबी बेटी को लेकर टीवी के पास छिप गई। रामबिलास के गिरते ही दोनों बदमाशों ने अलमारी के लॉकर से जेवर-नगदी समेटी और फिर दूसरे कमरे में रखे बक्से के ताले तोड़कर जेवर निकाल लिए। सास रामा भी सहमी हुई सब कुछ देखती रहीं।

बदमाशों के तीन और साथी छत पर मौजूद थे जो लगातार उन्हें बुला रहे थे। लूटपाट के बाद बदमाश छत के रास्ते सड़क पर कूदकर भागने लगे। तब तक गांव के काफी लोग जग चुके थे। उन सबने बदमाशों को घेरने का प्रयास किया तो उन्होंने हवाई फायरिंग कर दी। इसी बीच पड़ोसी प्राइवेट कर्मी अमित ने एक बदमाश पर छलांग लगा दी।

बदमाश ने उसके सीने में गोली मार दी। भागने के दौरान एक बदमाश का पैर सड़क के बीच बनी नाली में फंस गया। वह गिर पड़ा तो ग्रामीणों ने उसे जमकर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया।

पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम फतेहपुर निवासी श्यामबाबू बताया। उसने अपने साथी गांव के ही शातिर बउवन का नाम लिया तो पुलिस ने बउवन को उसके घर से दबोच लिया। पुलिस के अनुसार अमित को 315 बोर की गोली और रामविलास को 312 बोर का छर्रा लगा है।

गांव के बउवन पंडित ने रची थी डकैती की साजिश
रिटायर्ड हेड मास्टर रामबिलास के घर पड़ी डकैती का सूत्रधार गांव का ही शातिर बउवन पंडित निकला। ग्रामीणों की मानें तो बउवन उन्नाव में कुछ समय पहले हुए चांदी लूट कांड में जेल जा चुका है और  जमानत पर छूटा है।

पकड़े गए बदमाश श्यामबाबू ने पुलिस को बताया कि वारदात में उसके साथ गांव का ही कोई जयशंकर भी था, जिसका मकान नदी के किनारे ऊंचाई पर बना हुआ है। पुलिस जब श्यामबाबू को उसके बताए जगह लेकर पहुंची तो वह बउवन का घर निकला। बउवन चारपाई पर सोता मिला।

उस समय भी वह जूते, मोजे, शर्ट और स्वेटर पहने था। उसकी आंखों में दूर दूर तक नींद का नामोनिशान नहीं था। थाने में बउवन ने अपना नाम हरिशंकर बताया जबकि गांव वालों का कहना है कि बउवन का असली नाम विजयकांत है। उसके पिता का कुछ अता पता नहीं है। बउवन गांव में अपनी मां के साथ रहता है।

चीखी तो गोली मारकर ढेर कर दूंगा
समरजीत की पत्नी प्रियंका उर्फ रूबी के मुताबिक जैसे ही उसकी नजर पैर के पास खड़े बदमाश पर पड़ी तो वह चीख पड़ी। इस पर बदमाश ने तमंचा तानते हुए कहा कि अब अगर चीखी तो सीने में गोली मार दूंगा। वह शुबी को कलेजे से लगाकर कोने में दुबक गई। बदमाशों ने करीब बीस मिनट तक इस तरह कमरे की तलाशी ली, जैसे उन्हें मालूम था कि जेवर-नगदी किस कमरे में और कहां रखी है।

बसंत और शिशुपाल के साहस को शाबाशी
रिटायर्ड हेडमास्टर के घर घुसे डकैत को दबोचने में गांव के बसंत और शिशुपाल का अहम योगदान रहा। शिशुपाल ने बताया कि बदमाश का पैर जब नाली में फंसा था तो वह भागने लगा, तभी शिशुपाल ने फरसा फेंककर बदमाश को घायल कर दिया। किसान बसंत ने बदमाश को धर दबोचा।
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