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हैलट में मारधाड़, डॉक्टरों की हड़ताल, दो मरीजों की मौत

Thu, 31 Dec 2015 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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हैलट में बुधवार सुबह 4.17 बजे महिला की मौत के बाद परिजनों के हंगामा करने पर जूनियर डॉक्टरों ने बवाल कर दिया। तीमारदारों को दौड़ा दौड़ाकर मारा पीटा। महिलाओं को भी नहीं बक्शा।
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इमरजेंसी के बाहर मौजूद लोगों से भी जूनियर डॉक्टरों ने मारपीट की। मौके पर पहुंचे हैलट चौकी प्रभारी से भी जूनियर डॉक्टरों ने हाथापाई कर दी। एस्मा (एसंशियल सर्विसेस मेंटेनेंस एक्ट) लागू होने के बाद भी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इस कारण वार्डों में भर्ती दो मरीजों की मौत हो गई।

दोपहर बाद दो बजे मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म की। उन्नाव के शुक्लागंज मिश्रा कॉलोनी निवासी संजय शुक्ला परिवार और रिश्तेदारों के साथ मंगलवार देर रात सीतापुर से लौट रहे थे। सभी वैगनआर और बोलेरो पर सवार थे। उन्नाव-हरदोई रोड पर वैगनआर की ट्रक से टक्कर हो गई।
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हादसे में संजय शुक्ला (45), बर्रा दो की रिश्तेदार किरन (44) पत्नी आलोक और रेखा (35) पत्नी उत्तम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घायल सुरेंद्र कुमारी (65), संजय शुक्ला की पत्नी पूनम शुक्ला (40) और बेटे देवांग (15) को उन्नाव अस्पताल से हैलट रिफर कर दिया गया। रात 12 बजे परिजन हैलट पहुंचे। आरोप है कि जूनियर डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती।  

सुबह तीन बजे सुरेंद्र कुमारी की हालत बिगड़ी तो जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को ऐम्बु बैग (मुंह से ऑक्सीजन देने वाला बैग) थमा दिया। परिजन लगातार इलाज की गुहार लगाते रहे। 4.17 बजे पर सुरेंद्र कुमारी की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। वहीं जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि महिला तीमारदार ने पहले जूनियर डॉक्टर सत्यम को मारा।

सत्यम की सूचना पर भारी संख्या में जूनियर डॉक्टर और कैंपस के हॉस्टलों से स्टूडेंट इमरजेंसी पहुंच गए। एकजुट हुए जूनियर डॉक्टरों ने महिलाओं समेत तीमारदारों से मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच पहुंचे हैलट चौकी इंचार्ज से भी हाथापाई की गई। किसी तरह तीमारदार सभी घायलों को निजी नर्सिंग होम लेकर भागे।

इधर, जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल के पोस्टर लगाने शुरू कर दिए। इमरजेंसी ठप कर दी। हड़ताल के कारण सर्जरी के एनओटी में भर्ती घाटमपुर के मऊ नखत निवासी रामगणेश (75) और मेडिसिन के वार्ड 15 में भर्ती रानी घाट की सुमित्रा (65) ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।

दोपहर 10 बजे मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने जूनियर डॉक्टरों से बातचीत की। जूनियर डॉक्टरों ने 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा तब जाकर दोपहर दो बजे सभी जेआर वार्डों में गए।

चौकी इंचार्ज को हाथापाई कर भगाया
कानपुर। जूनियर डॉक्टर तीमारदारों को पीट रहे थे तभी किसी ने डायल 100 पर सूचना दे दी। हैलट चौकी प्रभारी संजय कुमार आठ मिनट बाद 4:38 बजे इमरजेंसी पहुंच गए। यहां जूनियर डॉक्टर मृत सुरेंद्र कुमारी के परिवारीजन सत्यम अग्निहोत्री, शिवम, सुंदरम और शुभम से मारपीट कर रहे थे।

जैसे ही चौकी प्रभारी इमरजेंसी पहुंचे, जूनियर डॉक्टरों ने उन पर हमला बोल दिया। वे बाहर आ गए। थोड़ी देर बाद कई थानों की फोर्स पहुंची तो 4:52 बजे जूनियर डॉक्टर इमरजेंसी में घुस गए। फोर्स के साथ चौकी प्रभारी वापस इमरजेंसी में घुसे और पिटाई से घायल सत्यम का पैर खींचकर वापस ले आए। प्राइवेट अस्पताल में उसकी मरहम-पट्टी कराई गई।'


पहले चढ़ाया फिर उतार दिया प्लास्टर
कानपुर। मारपीट का आरोप लगाने वाले सर्जरी के जूनियर डॉ. रोहित, डॉ. सत्यम और डॉ. विश्वजीत ने अपना मेडिकोलीगल तो कराया, लेकिन स्वरूपनगर थाने में तहरीर देने नहीं गए।

एसआईसी के गार्ड रविंद्र तिवारी की ओर से तहरीर दी गई। देर रात पुलिस ने इसी तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इधर, दाहिना हाथ टूटने का आरोप लगाकर मेडिकोलीगल कराने वाले जेआर डॉ. रोहित ने थोड़ी देर बाद ही प्लास्टर हटा दिया। शाम को उसने सिर में चोट की बात कहकर सीटी स्कैन भी कराया।


डॉ. मौर्या ने लगाई फटकार तब डॉक्टर निकले बाहर
प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार और एसआईसी डॉ. आरसी गुप्ता ने जूनियर डॉक्टरों की ज्यादातर मांगों को मानने की बात कही तो दोपहर बाद 1:30 बजे हड़ताल खत्म होने की जानकारी दी गई।

इसके बाद प्रिंसिपल भी चले गए। हालांकि आधे घंटे तक इमरजेंसी से कोई जेआर नहीं निकला तो सर्जरी के डॉ. आरके मौर्या ने मोर्चा संभाला। उन्होंने जेआर को फटकार लगानी शुरू की तो धीरे-धीरे वे बाहर निकले।
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