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इस ‘कातिल’ बेटी ने अपने पिता को ही मार डाला, वजह जानकर चौंक जाएंगे

Sat, 01 Apr 2017 12:13 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी लड़के और लड़की - फोटो : अमर उजाला
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दस दिनों तक चकरघिन्नी बनी पुलिस को उस लड़की ने गुमराह करने की पूरी कोशिश की थी लेकिन वह अपना गुनाह नहीं छुपा पाई। आखिर उसने ये बात कबूल ही ली कि वही अपने पिता की हत्यारिन है। प्रेम प्रसंग में बाधक बने पिता को उसकी बेटी ने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया था। दस दिन बाद पुलिस ने वारदात की उलझी गुत्थी को सुलाझाते हुए आरोपी बेटी समेत उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया। इस हत्याकांड में शामिल हत्यारोपी प्रेमी के तीन दोस्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। मामला यूपी के कन्नौज जिले का है।
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आपत्तिजनक हालत में देख लिया था

डेमो पिक
22 मार्च की सुबह सौरिख थाना क्षेत्र के नगला हविलिया सकरावा निवासी छोटे उर्फ बृजभूषण यादव का घर के बाहर गड्ढे में मिले शव का पुलिस ने खुलासा किया। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक की बेटी शिल्पी यादव का नगला सकरावा निवासी विमल शाक्य पुत्र कमलेश से काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मृतक ने एक दिन घर में दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। तभी मृतक ने विमल को जान से मारने की धमकी दी थी। इससे विमल शाक्य ने शिल्पी की राय लेकर अपने दोस्त प्रदीप यादव व बीनू शर्मा और राजा के साथ छोटे लाल की हत्या की शाजिस की रची।
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पिता के नाम 35 लाख का प्लाट था

डेमो पिक
22 मार्च की रात विमल कुमार दोस्तों के साथ शिल्पी के घर दाखिल हो गया। पांचों आरोपियों ने एक राय होकर छोटे लाल को बंधक बनाकर दराती से उसके सिर पर कई प्रहार करने के साथ नाजुक अंगों को काट डाला। जिससे उसकी मौत हो गई। मौत को हादसे का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने के लिए छोटे लाल को चप्पल व कपड़े पहना कर उसे घर के बाहर एक गड्ढे में फेंक दिया। जिससे लोग गड्ढे में गिरने से उसकी मौत को कारण समझे। पुलिस की गिरफ्त में आई शिल्पी ने बताया कि वह और विमल शादी करना चाहते थे। इससे पिता को हटाने के लिए वारदात से तीन दिन पूर्व उसने जहर देकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गए थे। इसके बाद उसकी हत्या की साजिश रची थी। वहीं प्रेमी विमल कुमार ने बताया कि शिल्पी के पिता के नाम सौरिख में 35 लाख का प्लाट था। दोस्त राजा और बीनू वर्मा और प्रदीप यादव को आधा प्लाट देने का लालच दिया था। इससे वह हत्याकांड में शामिल हो गए थे। पुलिस ने शिल्पी और विमल कुमार को जेल भेज दिया। जबकि स्वाट टीम प्रभारी पप्पू सिंह ठैनुआ व थाना प्रभारी संतोष कुमार व्यास और चौकी प्रभारी अरुण कुमार को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए है। 
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