छेड़खानी में जेल गया युवक जमानत पर छूटते ही फिर छात्रा के घर के चक्कर काट-काटकर उसे घूरने लगा। इससे डरी-सहमी छात्रा ने फांसी लगा ली। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। उसका कहना है कि दोषी पाए जाने पर युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामला यूपी के फतेहपुर जिले का है।
फतेहपुर हुसैनगंज थाने के अचाकापुर अहमदपुर गांव के संतोष की चार बेटियां हैं। दूसरे नंबर की बेटी वंदना शहर के एक डिग्री कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। संतोष ने बताया कि दो महीने पहले गांव के ही रामकृपाल के पुत्र जितेंद्र ने वंदना से छेड़खानी की थी। उसके रिपोर्ट दर्ज कराने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल दिया गया था।
घर के लोग बाहर थे
डेमो पिक
संतोष का आरोप है कि करीब 15 दिन बाद जमानत पर छूटते ही जितेंद्र फिर उनके घर के टहलने लगा और वंदना के नजर आते ही उसे घूरता था। संतोष ने बताया कि सोमवार शाम वह खेत पर गया था। घर के अन्य लोग भी बाहर थे। शाम को लौटा तो वंदना का शव फंदे पर लटक रहा था। छेड़खानी के मामले के बाद से वह कॉलेज भी नहीं जा रही थी।
इस बाबत एसएचओ उदयवीर सिंह ने बताया कि आत्महत्या की वजह आरोपी युवक भी हो सकता है। अभी ठोस वजह का पता नहीं चल सका है। छानबीन की जा रही है। पढ़ाई जारी न रख पाने से भी छात्रा डिप्रेशन में थी। आत्महत्या की एक वजह यह भी हो सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद गहराई से तफ्तीश की जाएगी।
घरवालों ने छुड़वाई थी पढ़ाई
डेमो पिक
संतोष की बेटी वंदना ने छेड़खानी के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया था। पिता ने बताया कि बेटी के साथ छेड़खानी का मामला होने के बाद इस साल कालेज जाने से रोक दिया था। उसे बेटी की सुरक्षा को लेकर डर था। कहीं दोबारा उसके साथ फिर कुछ न हो जाए। इसी वजह से कालेज जाना बंद करा दिया था।
बेवजह उन पर हो रहा शक
दूसरी ओर जितेंद्र के पिता रामकृपाल का कहना है कि जितेंद्र पर बेवजह शक किया जा रहा है। उनके बेटे या परिवार का इस खुदकुशी से कोई लेनादेना नहीं है।