रेप के बाद गर्भवती हुई किशोरी के बड़े भाई और उसके दोस्तों पर महिला प्रधान ने गैंगरेप का आरोप लगाया है। गर्भवती किशोरी के साथ रेप करने का आरोप इस महिला प्रधान के पति पर है। कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई के बीच मामला पेंचीदा होता जा रहा है।
फतेहपुर के असोथर थाना क्षेत्र की एक महिला ग्राम प्रधान से तीन युवकों ने गैंगरेप किया। तीनों ने प्रधान के देवर को तमंचा सटाने के बाद वारदात को अंजाम दिया। यह आरोप खुद महिला ग्राम प्रधान ने लगाया है। उनका कहना है कि इस मामले में कोर्ट का रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश भी पुलिस को मिल चुका है। इसके बावजूद रिपोर्ट नहीं दर्ज की जा रही है। प्रधान ने अब पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए सीएम को शिकायती पत्र भेजा है।
ग्राम प्रधान के मुताबिक एक मार्च को वह देवर के साथ बाइक से शहर से गांव जा रही थी। गाजीपुर थाने के सरकी गांव के पास देवर ने लघुशंका के लिए बाइक रोकी। उसी समय बाइक सवार तीन युवक पहुंचे। इनमें दो गांव के और तीसरा बांदा जिले के कमासिन का रहने वाला था। तीनों ने उन पर तमंचा ताना और पुलिस चौकी से दूसरी ओर एकांत में ले गए। देवर विरोध न करे, इसके लिए उसे तमंचा सटाए रहे। वारदात के बाद तीनों जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। प्रधान का आरोप है कि उसने थाने जाकर खबर दी। थाने में शिकायती पत्र देने बाद दूसरे दिन बुलाया गया। कोई कार्रवाई न होने पर मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल में पर्चा बनवाया। पुलिस के साथ न आने की वजह से मेडिकल नहीं हो सका। कोर्ट ने 17 मार्च को गैंगरेप के आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। उधर, एसएसआई सत्यपाल सिंह का कहना है कि कोर्ट का आदेश थाने नहीं पहुंचा है। किसी दूसरे के आदेश दिखाने पर विश्वास नहीं किया जा सकता। आदेश आने पर कार्रवाई कर जांच होगी। घटना के बाद पीड़िता कभी भी शिकायत लेकर थाने नहीं आई थी।
क्या पति के बचाव में उतरी प्रधान
प्रधान ने रेप के आरोप में जिन तीन लोगों को नामजद किया है, उनमें एक युवक गर्भवती किशोरी का बड़ा भाई है। वह कई साल से दिल्ली में नौकरी करता है। किशोरी से दुष्कर्म का आरोपी इसी महिला प्रधान का पति है। इससे पुलिस की जांच का एक बिंदु यह भी है कि प्रधान ने पति के बचाव में ऐसा कदम तो नहीं उठाया, जिससे दबाव बनाकर समझौता किया जा सके।