मुहर्रम पर शहर में हुए सांप्रदायिक संघर्ष के मामले में निर्दोष लोगों की
गिरफ्तारी का आरोप लगाकर शहर में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। बुधवार को
मुस्लिम संगठनों ने शहर काजी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से
मिलकर शिकायत की। वहीं भाजपा ने नवीन मार्केट से लेकर बड़े चौराहे तक जुलूस
निकालने के बाद धरना-प्रदर्शन किया।
गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन
दोपहर करीब दो बजे नवीन मार्केट में इकट्ठा हुए भाजपाइयों ने बड़ा चौराहे तक जुलूस निकाल कर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि सत्तादल के इशारे पर बेकसूरों को जेल भेजा जा रहा है। महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि निर्दोषों को यदि पुलिस ने रिहा नहीं किया तो माहौल बिगड़ने की जिम्मेदारी उसकी ही होगी।
विधायक सतीश महाना ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेगी तो स्थिति बिगड़ सकती है। क्षेत्रीय महामंत्री सुरेश अवस्थी ने कहा कि पुलिस प्रदेश सरकार के दबाव में पक्षपात कर रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने कहा कि दोषी खुलेआम घूम रहा है। एमएलसी अरुण पाठक ने ज्ञापन पढ़कर एडीएम सिटी अविनाश सिंह और एसपी देवरंजन वर्मा को सौंपा। आश्वासन पर प्रदर्शन स्थगित हो गया।
साउथ में सीओ दफ्तर पहुंचे भाजपाई
गिरफ्तारियों के विरोध में साउथ सिटी में भी भाजपा नेता सीओ गोविंदनगर विशाल पांडे के दफ्तर पहुंचे और बताया कि नौबस्ता पुलिस ने कुछ निर्दोष लोगों के नाम भी रिपोर्ट दर्ज कर ली है। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी पर रोक लगाकर उनके नाम एफआईआर से हटाए जाएं।
मुहर्रम वाले दिन यशोदानगर में हुए हंगामे में नौबस्ता पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी। पूर्व मेयर रवींद्र पाटनी और राधेश्याम पांडे ने सीओ को बताया कि बवाल के दौरान जो लोग मौके पर थे ही नहीं और जो पुलिस की मदद कर रहे थे, उनके नाम एफआईआर से हटाए जाने चाहिए। सीओ ने आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी जांच पड़ताल के बाद ही कार्रवाई करेगी और किसी भी निर्दोष की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।
सीएम ने शहर काजी को दिया आश्वासन
सांप्रदायिक संघर्ष के बाद गिरफ्तारियां और लोगों में पैदा हुई असुरक्षा की भावना पर बुधवार को शहरकाजी मौलाना आलम रजा नूरी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले।
उन्होंने सीएम को बुजुर्गों को गिरफ्तार करने और बिना जांच बेकसूरों के उत्पीड़न की बात बताई। इस पर सीएम ने मामले की जांच कराने और बिना जांच के गिरफ्तारियां न करने का आश्वासन दिया है।
शहरकाजी ने बताया कि सीएम ने प्रशासन और पुलिस अफसरों के बारे में जानकारी ली तो उन्होंने उनकी तारीफ की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी चोटें भी खाए लेकिन हालात को नियंत्रित कर ले गए। हालांकि बाद में गिरफ्तारियां गलत तरीके से की गईं। शहरकाजी ने कहा कि जांच के बाद जो लोग भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए लेकिन बेकसूरों को न पकड़ा जाए।