लखनऊ में तीस फिट ऊंची चिमनी से गिरकर घायल मजदूर लालचंद्र(36) की शुक्रवार को हैलट में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन लालचंद्र का शव लेकर रतनलाल नगर पहुंच गए।
यहां फैक्ट्री मालिक के घर के सामने शव रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। मुहल्ले वालों की सूचना पर गोविंदनगर पुलिस पहुंची। तीन घंटे बाद मुआवजा की बात मान लेने पर शव हटाया गया।
रतनलाल नगर निवासी एससी ओझा की कानपुर देहात के रनिया में चिमनी और ब्वायलर बनाने की फैक्ट्री है। यह फैक्ट्री में बनी चिमनी को लगवाने का भी काम करते हैं। करीब एक हफ्ते पहले नौबस्ता के खाड़ेपुर निवासी लालचंद्र को छह अन्य मजदूरों के साथ लखनऊ भेजा गया था। वहां इन्हें सरैया क्षेत्र की एक निर्माणाधीन फैक्ट्री में चिमनी लगाना था। लालचंद्र के भाई मुन्ना ने बताया कि 27 नवंबर को भाई चिमनी से गिरकर घायल हुए थे। निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद फैक्ट्री मालिक भाई को घर छोड़ गए। अगले दिन हालत बिगड़ने पर इन्हें हैलट में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। लालचंद्र के परिवार में पत्नी सीमा, बच्चे श्रवण (6), निखिल (4) व दो माह की बेटी तान्या है। गोविंद नगर में कार्यवाहक थानाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने बताया कि मजदूर के परिवारीजनों और फैक्ट्री मालिक के बीच समझौता होने पर कोई कार्रवाई नही की गई।