जिला कारागार में शुक्रवार देर शाम डीएम और एसएसपी ने छापा मारा। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की छह टीमों ने जेल की बैरकों से अस्पताल तक को खंगाला।
चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। इस दौरान बैरकों से चाकू, लाइटर और तंबाकू और खैनी जैसे नशे के सामान मिले हैं। इन्हें सीज कर दिया गया है।
हालांकि कोई मोबाइल अथवा कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली है। करीब दो घंटे तक जेल की तलाशी चली।
डीएम डॉ. रोशन जैकब और एसएसपी के.सुनील इमैनुएल अपनी टीम के साथ जिला कारागार पहुंचे।
अचानक पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को देख जेल प्रशासन और बंदियों में हड़कंप मच गया।
डीएम और एसएसपी के अलावा एडीएम सिटी अविनाश सिंह, एसपी पूर्वी प्रभाकर चौधरी, सीओ कैंट पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ कोतवाली एएसपी रोहित मिश्र, सीओ कलक्टरगंज ज्ञानवती तिवारी, सीओ अनवरगंज समेत पांच सीओ की अगुवाई में गठित टीमों ने एक साथ बैरकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की।
इन टीमों में एक-एक एसीएम भी शामिल रहे। टीमों ने बंदियों के सामान उलट-पलट कर देखे। चप्पे-चप्पे को चेक किया। खासकर जिस बैरक में 18 से 21 साल उम्र केबंदी कैद है, उन बैरकों को बारीकी से चेक किया गया। सजायाफ्ता और महिला बंदियों की बैरक भी खंगाली गई। जेल अस्पताल को भी चेक किया गया। एसएसपी ने बताया कि चेकिंग के दौरान जेल में कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली है।
कुछ चाकू, लाइटर, पान मसाला, खैनी और तंबाकू जैसी नशे की चीजें मिली हैं। इन सभी सामानों को सीज कर दिया गया है।
डीएम ने जेल अफसरों को हिदायत दी कि जेल में आपत्तिजनक और प्रतिबंधित वस्तुएं मिली तो दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।