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लाश डुबोने के लिए फाड़ा था बेटी का पेट, 'ठंडी चिता' के पास शोक मनाते दबोचा गया

Tue, 14 Nov 2017 09:36 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कार्तिक पूर्णिमा की रात शव को कई घंटे घर में छिपाए रखा
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बेटी की ठंडी चिता के पास सिर पर हाथ रखकर बिलख रहे हत्यारोपी पिता को सोमवार की सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने एक हंसिया भी बरामद कराया। हत्यारोपी ने शव को कुएं में डुबाने के लिए इसी हंसिया से बेटी का पेट फाड़ दिया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अकेले हत्या करने की बात कबूल की है। हालांकि अभी भी इस कांड में एक से अधिक लोगों के शामिल होने के कयास क्षेत्र में लगाए जा रहे हैं। 
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  फतेहपुर मलवां थाना क्षेत्र के हसनापुर गांव निवासी रामखेलावन सोनकर की बेटी गुड़िया (18) का शव शुक्रवार को जंगल में एक कुएं से बोरे में बरामद हुआ था। घटना के बाद परिवार के लोग गायब थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस लापता पिता की तलाश में थी। एसओ अनूप सिंह ने बताया कि आदमपुर श्मसान घाट के पास सुबह रामखेलावन को गिरफ्तार किया गया। वह बेटी की ठंडी चिता के पास बैठा शोक मना रहा था। एसओ का दावा है कि आरोपी ने गांव के एक शख्स से बेटी के अवैध संबंध पर चार नवंबर की रात गला दबाकर हत्या करना कबूला है। बेटी की लाश को कुएं में डुबाने के लिए उसका हंसिया से पेट फाड़ दिया। शव बोरी में भरकर कमरे के  अंदर टाड़ पर छिपाया था। रात में खरगी बाबा के जंगल में शव ले जाकर फेंक दिया था। छह दिन बाद शव कुएं में उतरा आया। कुएं में लाश मिलने की खबर फैलते ही वह परिवार संग भाग निकला था। एसओ ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर हंसिया बरामद कर उसे जेल भेजा है। 
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फांसी लगाने के बयान पर उलझी पुलिस  

पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी पिता रामखेलावन।
हत्यारोपी रामखेलावन ने पूछताछ के दौरान पहले पुलिस को बताया कि उसकी डांट फटकार से गुड़िया ने फांसी लगा ली थी। उसने बदनामी के डर से लाश गायब किया था। हत्यारोपी की इस बात से पुलिस उलझ गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टरों के पैनल ने गला दबाकर हत्या की पुष्टि की थी। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को पुलिस ने जेल भेजा है। 
बता दें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के नवइया तालाब के पास प्राइवेट कालेज की टीचर की दो साल पहले बोरे में भरी लाश मिली थी। टीचर तीन दिन से अपने प्रेमी संग लापता थी। प्रकरण में परिजनों ने प्रेमी पर हत्या के बाद शव को नवइया तालाब किनारे फेंककर भागने का आरोप लगाया था। डाक्टर ने भी पोस्टमार्टम में हत्या की बात लिखी थी। पुलिस की जांच के दौरान आरोपी का लोकेशन समेत तमाम साक्ष्य बाद में विपरीत मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर डाक्टरों के पैनल में चर्चा हुई थी। मामला सुसाइड का सामने आया था। लंबी जांच के बाद आरोपी को पुलिस ने क्लीन चिट दी थी। इस वजह से इस प्रकरण पर हत्यारोपी के बयान से पुलिस काफी देर तक उलझी रही। अंत में फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार मानकर हत्यारोपी को जेल भेजा। 
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