यूपी के कानपुर में दिनदहाड़े अधेड़ और उसके नाबालिग साथी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे शहर में सनसनी फैली हुई है। पुलिस के मुताबिक मरने वाला अधेड़ हिस्ट्रीशीटर रहा है नगर निकाय चुनाव में वह बीजेपी के लिए प्रचार भी कर रहा था। हत्यारों के बारे में अभी तक कुछ भी पता नहीं चला है पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुराना कानपुर की तंग गलियों में बुधवार सुबह बेखौफ कातिलों ने कानून-व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दे डाली। महेश्वरी मोहाल निवासी सतीश कश्यप उर्फ छोटे बब्बन (55) बुधवार को मोहल्ले में एक नेता से मुलाकात के बाद वापस घर लौट रहा था। तभी पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने छोटे बब्बन को रोका और चाकुओं से ताबड़तोड़ प्रहार कर उसे मौत की नींद सुला दिया। हमलावरों ने छोटे बब्बन के साथ मौजूद उसके नाबालिग ऋषभ (14) को भी बेरहमी से चाकुओं से गोदकर मार डाला। ऋषभ को मारने के पीछे बताया जा रहा है कि कातिलों को लगा कि वह गवाह बनेगा, इसलिए उसे भी बेरहमी से मौत की नींद सुला दिया गया।
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मृतक बब्बन की फाइल फोटो
इस दोहरे हत्याकांड के बाद महेश्वरी मोहाल की तंग गली में चारो तरफ खून ही खून फैल गया। तमाशबीन बने लोग अपने घरों में दुबक गए। पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी गई। एसपी और क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा ने लोगों के बयान दर्ज किए।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और जमीन पर पड़ा खून
महेश्वरी मोहाल चावल मंडी निवासी सतीश कश्यप उर्फ छोटे बब्बन का अपराधिक इतिहास है। कानपुर के ही एक सफेदपोश का उसे समर्थन प्राप्त था। क्षेत्र में बब्बन की बड़ी धाक थी। हत्या समेत कई संगीन मामले जब छोटे बब्बन पर दर्ज हुए तो करीब डेढ़ दशक पहले फीलखाना पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी। बताया जा रहा है कि पुलिस से बचने के लिए पिछले कुछ सालों से वह बिल्डिंग कांस्ट्रैक्शन के कारोबार से जुड़ गया था।
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अस्पताल में रोते-बिलखते मृतक के परिजन
हिस्ट्रीशीटर सतीश कश्यप उर्फ छोटे बब्बन के पास से एक प्रेस का परिचय पत्र भी मिला है वो पड़ोसी जनपद उन्नाव का है। कानपुर शहर के क्रिमिनल्स के पास से प्रेस कार्ड बरामद होने की यह कोई पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी शहर के कई बड़े अपराधियों के पास से प्रेस कार्ड मिल चुके हैं। शहर के खूंखार अपराधी रहे जावेद रिमवाला के पास से भी पुलिस प्रेस कार्ड बरामद कर चुकी है।
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अस्पताल में हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा करते मृतक के परिजन
सूत्रों की मानें तो इस समय कानपुर शहर के तमाम घनी अबादी वाले इलाकों में बड़े बदमाशों के पास से किसी न किसी प्रेस के परिचय पत्र हैं। वह गाड़ियों पर फर्जी तरीके से प्रेस लिखवाने के बाद बेखौफ होकर अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में नहीं चूकते हैं।
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मृतक के पास से मिला ये प्रेसकार्ड
केंद्र और प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी के चुनाव चिन्ह का बिल्ला लगाकर बब्बन भाजपा के लिए नगर निकाय के चुनाव में वोट मांगते भी कई बार देखा गया। जानकारों की मानें तो क्षेत्र के एक पुराने चर्चित सफेदपोश के लिए काम करने वाला छोटे बब्बन वर्तमान समय में कई बीजेपी नेताओं का करीबी भी था।
फीलखाना इंस्पेक्टर के मुताबिक छोटे बब्बन पर कई संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज थे। थाने से उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है। हत्या क्यों और किसने की है? इसकी छानबीन जारी है। वहीं एक पुलिस अफसर की मानें तो अभी तक की छानबीन में जो बात सामने आई है, उससे लग रहा है कि मामला आशनाई का है।