आंदोलनकारी किसानों ने रविवार की शाम गिरफ्तार करने आए पुलिस दल पर जमकर पथराव किया। हमले में सजेती, हमीरपुर, मौदहा, बिधनू एसओ के अलावा हमीरपुर एसओजी प्रभारी सहित दस से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।। गंभीर घायल आठ पुलिस कर्मियों को जिला अस्पताल हमीरपुर में भर्ती कराया गया है। किसानों की जबरदस्त तैयारी के चलते पुलिस को मौके से पीछे हटने को मजबूर होना पड़ा।
वहीं, बवाल की सूचना पर एसएसपी (कानपुर) आकाश कुलहरि और एसपी (ग्रामीण) राजेश सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों के धरनास्थल से दो किलोमीटर पहले पुलिस बल के साथ मौजूद अधिकारी कई घंटे तक खड़े होकर अग्रिम रणनीति बनाने में जुटे रहे।
बता दें कि नेयवेली पावर प्लांट में अधिग्रहीत भूमि का नई दरों पर मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाए जाने की मांग को लेकर इलाके के किसान भाकियू के बैनर तले 21 नवंबर से आंदोलन कर कर रहे हैं। नेयवेली के साइट आफिस के ठीक बगल में बने जानकी धर्मशाला में उनका प्रदर्शन जारी है।
15 नवंबर को किसानों ने हमीरपुर में सीएम अखिलेश यादव के कार्यक्रम में जमकर उत्पात मचाया था, जिसका मुकदमा वहां दर्ज हुआ है। रविवार की शाम करीब 3.30 बजे सीओ घाटमपुर राजेश पांडेय की अगुवाई में हमीरपुर कोतवाली, थाना मौदहा और सुमेरपुर की पुलिस धरना स्थल पर नामजद किसान नेताओं की गिरफ्तारी करने पहुंची। साथ में सजेती एसओ एपी वर्मा भी थे।
इधर, किसानों को इसकी भनक पहले ही लग गई और वह पूरी तैयारी के साथ धरने पर डटे थे। लाठी-डंडों और ईंट-पत्थर के साथ ही हंसिया, खुर्पी, फावड़ा, कुल्हाड़ी और फरसे के साथ ही असलहे भी लिए थे। जैसे ही पुलिस धरनास्थल पर घुसने लगी उन्होंने पथराव शुरू कर दिया।
महिलाओं और युवकों ने पुलिस वालों पर जमकर पथराव किया और लाठियां भांजीं, जिसमें सजेती एसओ एपी वर्मा, हमीरपुर कोतवाल प्रमोद कुमार, कुरारा कोतवाल अभिमन्यु सिंह यादव, बिधनू एसओ और एसओजी हमीरपुर प्रभारी के अलावा दरोगा सत्यप्रकाश, सिपाही वेदप्रकाश, राजेश यादव, महिला सिपाही दीपिका और संध्या सहित दस से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।