किसानों की भीड़ को बैरियर के सहारे रोकती पुलिस
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कानपुर के घाटमपुर में निर्माणाधीन पावर प्लांट के लिए अधिग्रहीत जमीन के बदले मिले मुआवजे से असंतुष्ट किसान सीएम को फरियाद सुनाने जनसभा में पहुंचे। लेकिन अपनी बात रखने के लिए किसानों ने जनसभा में जमकर गदर काटी। पुलिस ने किसी तरह बैरीकेडिंग लगाकर रोका तो किसान पुलिस से भी उलझे। जनसभा स्थल पर डीआईजी, एसपी, एएसपी हंगामा कर रहे किसानों को समझाते रहे।
हमीरपुर जनसभा स्थल में मुख्यमंत्री के आने के पहले हजारों की संख्या में किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर लाठी, डंडा व हंसिया आदि लेकर पहुंच गए थे। जिस पर पुलिस ने किसानों को पंडाल के अंदर घुसने से रोक दिया। इस पर किसानों ने सरकार व अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ किसानों ने हेलीपैड की ओर भी घुसने का प्रयास किया। जिन्हें पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर रोका। किसानों का हंगामा देख गुस्साए अधिकारियों ने लाठियां पटकनी शुरू कर दी। जिससे भयभीत किसान शांत होकर पंडाल के नीचे पहुंच गए। लेकिन मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचने के बाद किसान एक बार फिर उग्र हो गए और कुर्सियां उछालकर सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा मुआवजा देने की मांग करने लगे। किसानों को शांत कराने का पुलिस भरसक प्रयास करती रही, लेकिन किसानों की उत्तेजना बढ़ती गई। इस पर डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, एसपी एसके सिंह, एएसपी बीके मिश्रा ने किसानों को समझा बुझाकर शांत किया। भाषण शुरू करने के बाद मुख्यमंत्री ने शोरशराबा करने वाले किसानों से कहा कि वह किसानों के दु:ख दर्द को समझते हैं और उनकी हर संभव मदद कर रहे हैं। अगर ज्यादा शोरगुल या उत्पात मचाया तो उनके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिख देंगे और फिर अच्छे दिनों का इंतजार करते रहना। किसानों के गदर काटने पर एसपी ने किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत व महिला जिलाध्यक्ष विशेखा राजपूत को अपने साथ ले जाकर मुख्यमंत्री से मिलवाया और ज्ञापन दिलवाया।