महिला ने 9 हजार में और खरीदने वाले ने 50 हजार में बेच दिया
लखीमपुर खीरी जिले की अनुसूचित जनजाति की एक लड़की 59 हजार रुपये में दो बार बेची गई। डेढ़ महीने में उसके साथ कई बार बलात्कार हुआ, विरोध करने पर उसे खूब पीटा गया।
हरदोई के लोगों की शिकायत पर देहात कोतवाली पुलिस ने गुरुवार देर रात खुटेहना गांव में बंधक बनाकर रखी गई लड़की को बरामद कर लिया गया। मौके से एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया जबकि उसका बड़ा भाई भाग निकला। पुलिस ने मानव तस्करी, बलात्कार सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
लखीमपुर जिले के थाना चंदनचौकी के एक गांव की अनुसूचित जनजाति की चौदह वर्षीय किशोरी करीब डेढ़ महीने पहले फार्म भरने के लिए घर से पलिया जाने के लिए निकली थी। किशोरी ने बताया ट्रेन में लखीमपुर शहर के सफीना और सोनू भी सवार थे। बातों बातों में दोनों ने उसके बारे में पूरी जानकारी ले ली। बहला फुसलाकर दोनों किशोरी को अपने घर ले गए। करीब दस दिन दोनों ने उसे घर में बंधक बनाए रहे। 11वें दिन एक अधेड़ अपनी पत्नी के साथ सफीना के घर आया। सफीना उसे रामचंद्र कह रही थी। सफीना ने 9 हजार रुपये लेकर किशोरी को रामचंद्र के सुपुर्द कर दिया। रामचंद्र और उसकी पत्नी बेचने के लिए किशोरी को पहले सीतापुर, कानपुर सहित कई जगह ले गए। इस दौरान रामचंद्र ने किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म किया। आठ दिन पहले रामचंद किशोरी को हरदोई लाया और कोतवाली देहात क्षेत्र के खुटेहना गांव निवासी अशोक यादव उर्फ लाला नवाब पुत्र रामेश्वर के हाथ 50 हजार रुपये में बेच दिया। किशोरी ने बताया कि अशोक ने बालाजी मंदिर खेतुई ले जाकर उससे शादी करने का नाटक किया। इसके बाद घर लाकर उसे बंधक बना लिया। घर में अशोक और उसके भाई निर्मल ने कई बार किशोरी से दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। किशोरी ने दो बार भागने की कोशिश भी की लेकिन दोनों भाइयों ने उसे पकड़कर फिर बंधक बना लिया। इस पर ही ग्रामीणों को शक हो गया। उन्होंने बुधवार रात एएसपी पूर्वी बीसी दुबे को सूचना दी। रात में महिला पुलिस के साथ देहात कोतवाली पुलिस ने अशोक के घर में दबिश देकर किशोरी को बरामद कर लिया। पुलिस ने घर में मौजूद निर्मल को गिरफ्तार कर लिया जबकि मौका पाकर अशोक भाग निकला। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण, मानव तस्करी, बलात्कार और हरिजन एक्ट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। देहात कोतवाली प्रभारी अमर सिंह रघुवंशी ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और किशोरी क बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर न होने से नहीं हो सका मेडिकल
हरदोई जिला महिला अस्पताल में तैनात स्मृता सिंह के पिता की गुरुवार को मौत हो गई। इस कारण वह घर चली गई थीं। अन्य डॉक्टर और स्टाफ भी चले गए थे। अस्पताल के सभी कक्ष बंद थे। महिला पुलिस ने खुटेहना गांव से बरामद किशोरी को मेडिकल के लिए ले गई थी। अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण मेडिकल नहीं हो सका। अब शनिवार को किशोरी का मेडिकल कराया जाएगा।