सुसाइड करने वाले किसान की शोकग्रस्त पत्नी
यूपी के बांदा में नोटबंदी के कारण मौत का अनोखा मामला सामने आया है। चार दिनों तक लाइन में लगने के बाद भी रुपये न मिलने से परेशान एक किसान ने खुद को गोली से उड़ाकर आत्महत्या कर ली। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बंदूक अपने कब्जे में ले ली है।
अतर्रा लखन कालोनी में रह रहे रामभवन पुत्र शिव कुमार सिंह ने शनिवार की रात घर के कमरे में अपनी लाइसेंसी 12 बोर बंदूक से कनपटी के पास खुद को गोली मार ली। रक्तरंजित रामभवन वहीं गिर पड़ा और दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी पूजा घर के अंदर थी। फायर की आवास सुनकर पति के कमरे भागकर पहुंची तो खून में लथपथ शव पड़ा मिला। पूजा रामभवन की दूसरी पत्नी बताई गई है। उसके दो बच्चे हैं। पहली पत्नी से भी दो बच्चे हैं। रामभवन मकान के नीचे ही चाय समोसे की दुकान करे था।
पत्नी पूजा और बड़े भाई चंद्रभान ने बताया कि रामभवन के नाम 10 बीघे जमीन थी लेकिन खेती से पूरी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थीं। छोटी से चाय, समोसे की दुकान कर रखी थी। बताया कि रामभवन ने कानपुर में ब्याही अपनी बहन से कुछ दिनों पहले पांच हजार रुपये कर्ज ले लिए थे। हाल ही में उसके खाते में सूखा राहत का पैसा आ गया था। पिता शिव कुमार ने रामभवन से कहा था कि सूखा राहत का पैसा बैंक से निकालकर बहन का कर्ज अदा कर दें। इस पर वह पिछले चार दिनों से रोजाना अतर्रा स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में लाइन में लगता लेकिन बारी आने से पहले ही कैश खत्म हो जाता और वह खाली हाथ लौट आ रहा था। पत्नी के मुताबिक इसी से तंग आकर तनाव में खुद को गोली मार ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।