चड़ीगढ़ में कानपुर के बने एक फर्जी लाइसेंस के मिलने से हड़कम्प मच गया है। ओवर स्पीड का चालान कटने पर एक व्यक्ति ने पुलिस को फर्जी लाइसेंस थमा दिया। चड़ीगढ़ पुलिस ने जांच की ताे लाइसेंस फर्जी निकला। पुलिस काे शक है कि फर्जी लाइसेंस बनवाने का एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है।
ओवर स्पीड का चालान कटने पर एक व्यक्ति ने पुलिस को फर्जी लाइसेंस थमा दिया। फर्जी लाइसेंस का पता तब चला, जब चालान ट्रैफिक लाइन में जमा होने गया। इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने आरोपी मौलीजागरां निवासी उमेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस को शक है कि फर्जी लाइसेंस का बड़ा गैंग शहर में एक्टिव हो सकता है। आरोपी को दो दिन केपुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाएगी की आखिर उसने यह फर्जी लाइसेंस कैसे तैयार करवाया था।
पुलिस के मुताबिक कुछ दिन पहले ट्रैफिक पुलिस ने आरोपी उमेश कुमार का ओवर स्पीड का चालान काटा था। चालान के समय उमेश ने अपना कानपुर का ड्राइविंग लाइसेंस दिया था। लाइसेंस चालान के साथ लगा कर ट्रैफिक लाइन में जमा करवा दिया था।
इस चालान के तहत आफेंस करने वाले का लाइसेंस 3 माह के लिए सस्पेंड करने के लिए लाइसेंस तैयार करने वाली संबंधित अथॉरिटी को भेज दिया जाता है और 3 माह बाद आफेंस करने वाले का चालान लाइसेंस तैयार करने वाली अथॉरिटी ही रिलीज कर ऑफेंस करने वाले को देती है।
नियम के तहत सभी तरह की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जब पुलिस ने उसका ड्राइविंग लाइसेंस 3 माह के लिए सस्पेंड करने के लिए कानपुर लाइसेंस अथॉरिटी को भेजा तो वहां से पुलिस के पास जबाव आया कि इस नाम का कोई ड्राइविंग लाइसेंस जारी ही नहीं किया है।
यह लाइसेंस फर्जी है। इस पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से इंडस्ट्रिल थाना पुलिस को जानकारी दी गई। थाना पुलिस ने आरोपी उमेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी दविंदर सिंह के मुताबिक आरोपी को मामले की जांच के लिए 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।