हमराज कांप्लेक्स में मंगलवार को टैक्स चोरी की जांच करने पहुंची वाणिज्य कर विभाग की टीम से व्यापारियों ने जमकर अभद्रता की। छापे की कार्रवाई से प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने टीम को घेर लिया और अधिकारियों के हाथ से छापे के दौरान जब्त किए गए कागजात छीन लिए।
अफसरों संग मामूली हाथापाई भी की गई। बाद में पहुंचे भारी पुलिस बल ने किसी तरह स्थिति को संभाला। इधर मौका पाकर वाणिज्य कर की टीमें मौके से खिसक गई। पुलिस के खदेड़ने से वहां भगदड़ मच गई। कई लोग गिर कर चुटहिल भी हो गए हैं।
मंगलवार को वाणिज्य कर की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) के डिप्टी कमिश्नर विजय कुमार, एसबी यादव और आरपी जौहरी के साथ मोबाइल दस्तों की छह टीमें हमराज कांप्लेक्स पहुंचीं।
यहां अधिकारियों ने रस्तोगी इम्पीरियल इंडिया प्रा. लि, हसन एंड संस, मीडिया ट्रेडर्स और लवी ट्रेडर्स के यहां जांच-पड़ताल आरंभ की। करीब आधे घंटे तक स्टॉक, बिल बुक आदि की छानबीन की गई, जिसमें टैक्स चोरी संबंधी तमाम कागजात मिले।
कुछ लूज पर्चे भी मिले, जिनसे बिना टैक्स लिए-दिए बिक्री साबित हुई। इन कागजातों को सीज करने के बाद टीम दुकानों से बाहर आई, तभी सैकड़ों की संख्या में आए व्यापारियों ने टीम को घेर लिया।
उन्होंने अधिकारियों के पास मौजूद कागजात छीनने की कोशिश की। इस पर मौजूद पुलिस बल ने विरोध किया, जिस पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख आला अधिकारियों को सूचना दी गई।
तत्काल मौके पर सीओ और एसीएम तमाम फोर्स और पीएसी के जवान पहुंचे। उनके दखल के बाद वाणिज्य कर की टीम मौके से निकल सकी। इसके बाद नाराज व्यापारी अनवरगंज थाने पहुंचे।
वहां उन्होंने छापेमारी करके दोहरे उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसके विरोध में बाजार बंदी की घोषणा कर दी। बाद में एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह भी थाने पर पहुंचे और व्यापारियों को समझाया। व्यापारियों ने बुधवार को बैठक करके बंदी के संबंध में फैसला लेने की बात कही।
अधिकारियों पर हमला सामान्य बात हो गई है। हाल ही में ज्वाइंट कमिश्नर पर हमले की घटना के बाद यह दूसरा मौका है। इस बाबत पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी और कार्रवाई के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की जाएगी।
-भूपेंद्र शुक्ला, अध्यक्ष (उप्र. वाणिज्य कर सेवा संघ)