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जायदाद के लिए भाई-भाभी को कुल्हाड़ी से काट डाला

Tue, 02 May 2017 06:47 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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रोते ब‌िलखते मृतकों के पर‌िजन, दंपत‌ि की फाइल फोटो, घर के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के फतेहपुर में सोमवार सुबह डबल मर्डर का एक सनसनीखेज मामला सामने आया। पत‌ि-पत्नी की खून से लथपथ लाश देखकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मृतक के साढ़ू की तहरीर पर छोटे भाई व उसके साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी कवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है। यह दोहरा हत्याकांड रविवार रात खागा कोतवाली के वैसापुर गांव में हुआ। 
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वैसापुर के गंगाराम मौर्य (45) व पत्नी अनीता (42) के कोई संतान नहीं थी। गांव में मां दसोमती व छोटा भाई रामबहादुर अलग-अलग घरों में रहते हैं। सोमवार सुबह करीब आठ बजे बटाईदार राकेश कुमार चौरसिया जब गंगाराम के घर पहुंचा तो दरवाजे के पास ही दोनों के खून से सने शव देखकर चीख पड़ा। उसकी सूचना पर कोतवाल एयू सिद्दीकी, सीओ अतुल कुमार चौबे फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे और छानबीन के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

गंगाराम के साढ़ू राजेश मौर्य ने पुलिस को बताया कि गंगाराम के परिवार में कुल 15 बीघे जमीन है। पांच-पांच बीघे जमीन मां और दो भाइयों के नाम है। गंगाराम ने अपने हिस्से की जमीन बटाई पर इसी गांव के राकेश कुमार चौरसिया को दी थी। गंगाराम ने नवरात्र पर 14 बिस्वा जमीन बेचकर ग्राम प्रधान कल्लू कोरी के साझे में बोलेरो गाड़ी खरीदी थी। प्रधान की साझेदारी में वह कुछ और कारोबार भी करना चाहता था। रामबहादुर की नजर गंगाराम की जायदाद पर थी। प्रधान से कारोबारी संबंध बनाने पर भी उसे एतराज था।  इसके अलावा कुछ महीने पहले मां दसोमती ने अपने हिस्से की जमीन रामबहादुर के नाम कर दी। गंगाराम इसका विरोध करता था। उसका कहना था कि पिता गणेश प्रसाद की मौत के बाद मां की मानसिक दशा ठीक न होने का फायदा उठाकर रामबहादुर ने जमीन लिखवा ली है। इन्हीं सब कारणों से रामबहादुर ने दोस्त के साथ मिलकर भाई-भाभी की जान ले ली। राजेश के मुताबिक हफ्ते भर पहले दोनों भाइयों में विवाद भी हुआ था। तब पुलिस ने थाने बुलाकर मामला शांत करा दिया था। 
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