फजलगंज स्थित बंबा रोड में मामूली विवाद को लेकर मंगलवार को एक ही परिवार के लोगों ने डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद वर्मा की पिटाई कर दी। परिजन उन्हें पहले हैलट फिर कार्डियोलॉजी ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि डॉक्टर की डायल 100 पुलिस के सामने पिटाई की गई और पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे।
वारदात के बाद से आरोपी घर में ताला डालकर फरार हैं। इधर, एसओ आरके त्रिपाठी ने कहा कि डॉक्टर के परिजनों ने अभी तक तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह साफ होगी । डॉ. राजेंद्र प्रसाद वर्मा (60) आरएमपी (रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर) थे।
वे बंबा रोड सब्जी मंडी में रज्जन लाल का हाता में पत्नी दुर्गावती, बेटी पूनम और बेटे श्याम के साथ रहते थे। इनकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है। इनके मकान के निचले हिस्से में सब्जी विक्रेता झल्लू का परिवार रहता है। बेटे श्याम ने बताया कि झल्लू उनके मकान में कब्जा करना चाहते हैं।
झल्लू और उनके परिवार के लोग आए झगड़ा और मारपीट करते हैं। इसकी जानकारी फजलगंज पुलिस को दी गई पर आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बकौल श्याम रविवार को मकान की छत और रास्ते पर गंदगी फैलाने से मना करने पर झल्लू और उनके परिजनों ने मारपीट की थी।
तब हाते के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। इसी खुन्नस में मंगलवार की सुबह झल्लू और उनके भाई कल्लू, दिनेश और मीरा ने पिता डॉ. राजेंद्र की लात-घूंसे से पिटाई कर दी। श्याम के मुताबिक उसने तत्काल डायल-100 पर घटना की जानकारी दी। पुलिस पहुंची लेकिन मूकदर्शक बन पिटाई देखती रही।
पिटाई से पिता की हालत बिगड़ गई। वह जमीन पर गिर गए। यह देख हमलावर और पुलिसकर्मी दोनों भाग निकले। परिवार वाले डॉ. राजेंद्र को पहले हैलट और फिर कार्डियोलॉजी ले गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
इधर, फलजगंज एसओ का कहना है कि पुलिस के सामने डॉक्टर को नहीं पीटा गया है। संभवत: झगड़े के दौरान हार्ट अटैक से डॉक्टर की मौत हुई है। परिवार वालों ने अभी मौखिक जानकारी दी है। तहरीर नहीं मिली है।