दर्शनपुरवा और भन्नानापुरवा में दो महीने पहले सांप्रदायिक फसाद के आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की ओर से लगाए गए पोस्टरों पर सोमवार को दिनभर बखेड़ा हुआ।
पुलिस की कार्रवाई से भड़के भाजपाई दोपहर करीब 12 बजे सड़क पर उतर आए। उन्होंने दर्शनपुरवा के सर्वधर्म चौक (चौराहा) पर हंगामा शुरू किया तो सनसनी फैल गई। इन्होंने आरोपियों पर से मुकदमा वापस लेने और होर्डिंग हटाने की मांग करते हुए जरीब चौकी चौराहे पर जाम लगा दिया।
इससे जीटी रोड, कालपी रोड के अलावा पीरोड, संगीत टॉकीज चौराहे की तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बात बढ़ती देख प्रशासन बैकफुट पर आ गया। तुरंत वार्ताओं का दौर चला। शाम पौने सात बजे तय हुआ कि आरोपियों के पोस्टर हटाकर मामले की फिर जांच की जाएगी।
आरोपियों की नए सिरे से पहचान के लिए मंगलवार को प्रशासन के साथ भाजपाइयों की फिर बैठक होगी। इस पर भाजपाई शांत हो गए और जाम खोल दिया। भाजपा विधायकों में सतीश महाना, रघुनंदन सिंह भदौरिया, सत्यदेव पचौरी, एमएलसी अरुण पाठक, क्षेत्रीय महामंत्री सुरेश अवस्थी, पार्षद सत्येंद्र मिश्र आदि तमाम नेता और कार्यकर्ता निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए सुबह दर्शनपुरवा सर्वधर्म चौक (चौराहा) पहुंचकर धरने पर बैठ गए। धरने में भाजपाइयों के साथ इलाकाई लोग भी शामिल हो गए।
सूचना पर सीओ नजीराबाद संजीव मिश्र, फजलगंज एसओ शशिभूषण मिश्र और प्रशासनिक अफसर पहुंचे। नेताओं को मनाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। शाम होते-होते आक्रोश बढ़ा तो सभी नेताओं ने धरने से उठकर भीड़ के साथ जरीब चौकी चौराहे पर जाम लगा दिया।
देखते-देखते जीटी रोड और कालपी रोड पर चार किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। पीरोड बाजार और संगीत टॉकीज रोड पर भी यातायात व्यवस्था चरमरा गई। देर शाम तक जरीब चौकी पर जाम लगा रहा। इससे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई। तुरंत बातचीत का दौर चला।
भाजपाइयों का कहना था कि सांप्रदायिक फसाद में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनके चित्रों की होर्डिंग आतंकवादियों की तरह लगा दी गई। एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह से वार्ता में तय हुआ कि आरोपियों के होर्डिंग हटा दिए जाएंगे।