राजकीय पालीटेक्निक में वर्चस्व के चलते हुए संघर्ष में घायल छात्र अरुण यादव (21) की सोमवार सुबह मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने दफ्तर में तोड़फोड़ करते हुए शिक्षकों की बाइकें भी क्षतिग्रस्त कर दी। परीक्षा का बहिष्कार करते हुए जीटी रोड पर जाम लगा दिया।
बवाल बढ़ता देख पालीटेक्निक प्रबंधन ने 21 और 22 दिसंबर की परीक्षा निरस्त करने के साथ ही आरोपी तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद 48 घंटे में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर ही छात्रों का गुस्सा शांत हुआ। एसपी पश्चिम राजेश एस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
गाजीपुर के गांव वाजिदपुर के रहने वाले मारकंडेय यादव सेना में सूबेदार हैं। उनका बेटा अरुण पालीटेक्निक में इलेक्ट्रिकल ब्रांच फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। 5 दिसंबर को केमिकल और इलेक्ट्रिकल ब्रांच के स्टूडेंटों में संघर्ष हो गया था। आरोप है कि इलेक्ट्रिक ब्रांच फर्स्ट ईयर के नीलेश मौर्या, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, देवेश गुप्ता सहित अन्य छात्रों ने अरुण को दबोच लिया।
शिक्षक एके सिंह, एके मिश्रा और आरके मिश्रा की शह पर बेल्ट और लात घूसों से पीटने के बाद टॉयलेट में बंद कर दिया। अरुण ने वहां से भागने की कोशिश की तो उसे खिड़की से धक्का दे दिया। दूसरी मंजिल से गिरने पर अरुण की रीड़ और गर्दन की हड्डी टूट गई थी।
तभी से अरुण का लखनऊ के कमांड अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह करीब 9 बजे उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी लगते ही पालीटेक्निक के छात्रों ने दफ्तर में हमला बोल दिया। प्रिंसिपल कक्ष के बाहर बने केबिन और दूसरे दफ्तरों में तोड़फोड़ की।
संस्थान के बाहर खड़ी एक दर्जन से अधिक बाइके तोड़ दीं। रोड जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। एसपी पश्चिम राजेश एस, एसीएम-6 राजेंद्र त्रिपाठी कई थानों की फोर्स के साथ्ा मौके पर पहुंचे। छात्रों ने आरोपी शिक्षकों और स्टूडेंटों की गिरफ्तारी के साथ तत्काल सस्पेंड करने की मांग की।
अपर निदेशक प्राविधिक शिक्षा आरसी राजपूत, प्रिंसिपल आरके सिंह और पुलिस अधिकारियों की बैठक के बाद आरोपी छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया। इसके अलावा अज्ञात स्टूडेंटों पर जांच में नाम सामने आने के बाद कार्रवाई करने को कहा। आरोपी शिक्षकों को भी 48 घंटे में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। वहीं छात्र की मौत पर प्रिंसिपल, शिक्षकों और छात्रों ने दो मिनट का मौन रखकर शोक जताया।