प्रयागराज के बम्रौली हवाई अड्डे के संविदाकर्मी का अधजला शव सोमवार को असोथर थाने के सातों धर्मपुर गांव के पास सूखी नहर से बरामद हुआ। वह सात अगस्त से लापता था। उसकी बाइक, मोबाइल भी गायब है। अपहरण के बाद हत्या की गई है और पहचान खत्म करने के लिए शव को जलाया गया है।
सूचना पर आए परिजनों ने शर्ट, अंगूठी, अधजले चेहरे से शव की पहचान की है। असोथर थानाक्षेत्र के सातों धर्मपुर में करीब नौ बजे दुर्गंध आने पर ग्रामीण भट्ठे के पास सूखी नहर के करीब पहुंचे। नहर में अधजला शव देखकर ग्रामीणों में सनसनी फैल गई।
प्रधान प्रतिनिधि विष्णु सिंह चौहान ने असोथर पुलिस को सूचना दी। मौके पर असोथर और थरियांव पुलिस भी पहुंची। ग्रामीण शव को पहचान नहीं सके। थरियांव पुलिस के पास आठ अगस्त को कौशांबी का एक परिवार युवक की तलाश करते पहुंचा था।
उसके मोबाइल की अंतिम लोकेेशन औरेई गांव के पास मिली थी। थरियांव पुलिस ने कौशांबी के परिवार को एक शव मिलने की सूचना दी। कौशांबी के कोखराज थाने के बंधवा गांव निवासी शैलेंद्र कुमार कुशवाहा मौके पर दोपहर में पहुंचे।
पोस्टमार्टम हाउस में शव की शिनाख्त ममेरे भाई राजू कुशवाहा (25) पुत्र रामनाथ कुशवाहा निवासी जलालपुर घोसी थाना पिपरी जिला कौशांबी के रूप में की। अधजली शर्ट, चेहरा और अंगूठी को भी पहचाना। शैलेंद्र ने बताया कि राजू छह साल से संविदा पर प्रयागराज के बम्रौली हवाई अड्डे पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था।
सात अगस्त की शाम करीब चार बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद निकला था। उसकी बहन शकुन से फोन पर बातचीत हुई थी, उसने रात 10 बजे तक घर पहुंचने की बात कही थी। रात भर उसके घर न पहुंचने पर परिजन शनिवार सुबह कौशांबी के पिपरी थाने पहुंचे।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। इसके बाद परिवार को अंतिम लोकेशन फतेहपुर के थरियांव थाने के औरेई गांव के आसपास बताई गई। यहां परिवार के लोग खोजबीन करने भी आए। थरियांव पुलिस और औरेई प्रधान से संपर्क कर लौट गए थे।
एसओ आशीष सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को होगा। कौशांबी पुलिस से संपर्क किया गया है। मामले की जानकारी उन्हें दी गई है। हत्या के बाद शव को जलाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
शहर में रहती है एक बहन
संविदाकर्मी राजू कुशवाहा का बड़ा भाई संजीव कुशवाहा है। पिता रामनाथ कुशवाहा खेती करते हैं। बड़ी बहन शशिकला की शादी किशनपुर थाने के नरैनी गांव में हुई है। बहन शशिकला परिवार के साथ अब सिविल लाइन में रहती है।
घटना से मां ललिता, बहन शकुन और शशिकला का हाल बेहाल हो गया। परिजनों ने बताया कि राजू बाइक से ड्यूटी जाता था। हवाई अड्डे से घर की दूरी सात किलोमीटर है। हर हालत में राजू शाम सात बजे तक घर पहुंच जाता था। घटना की रात 10 बजे के बाद उसका फोन नहीं उठा था।
राजू के साथ हुई घटना में पुलिस फतेहपुर का कनेक्शन भी कहीं न कहीं मान रही है। हत्यारे अपहरण के बाद राजू को मारने के लिए करीब 60 किलोमीटर दूर क्यों लेकर आए यह सवाल पुलिस को उलझा रहा है। हत्या के बाद कातिलों को मालूम था यहां उसकी पहचान भी हो सकती है। इसी वजह से शव को जलाया।