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धर्मनगरी चित्रकूट में बोरों में बंद मिलीं 4 मासूम बच्चों की खून से लथपथ लाशें  

Tue, 25 Apr 2017 09:46 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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दो बोरों में बंद मिलीं चार बच्चों की लाशें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। आखिर इन बेकसूरों को कैसे उस निर्दयी ने मारा होगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने इन बच्चों के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा देने की बात कही है। मामला यूपी के चित्रकूट जिले का है। अभी तक बच्चों की लाशों की पहचान नहीं हो पाई है। 
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चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र के सिकरी व अमवा गांव के पास बोरे में चार बच्चों के शव मिलने पर पुलिस अभी तक इस नतीजे में पहुंची है कि चारों एक ही परिवार के लगते हैं या ये अलग-अलग परिवारों के हैं। चारों की एक ही अंदाज में गला रेतकर हत्या की गई है। चारों के शरीर के अन्य अंगों में चोट के निशान नहीं है। चारों बच्चों के शरीर में पाये गए कपड़ों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये सभी किसी सम्पन्न परिवार से हैं। तीन बच्चियों और एक बच्चे की लाश ऐसी बुरी हालत में मिली है कि देखने वाले सन्न रह गये। प्रभारी पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस रिकार्ड तलाशा जा रहा है। फिलहाल जिले में अभी तक चार बच्चोें के गायब होने की कोई सूचना नहीं है। 

 चित्रकूट जिले के आसपास के कौशांबी, फतेहपुर, बांदा,सतना, रीवा, प्रतापगढ़ व इलाहाबाद की सीमा लगी है। जिससे यह संभावना है कि कहीं इन्हीं में से एक जिले से बच्चोें को मारकर हत्यारे यहां फेंक गए हैं। यह शव ज्यादा पुराने भी नहीं हैं। पुलिस के अनुसार चारों की हत्या एक ही दिन की गई है और 48 घंटे से ज्यादा का समय नहीं हुआ है। स्पष्ट जानकारी तो पोस्टमार्टम  के बाद ही होगी।जिले की सीमा से कई अन्य जिले जुड़े होने से हत्यारों से लेकर अन्य आरोपी सीमा विवाद का लाभ उठाते रहे हैं। कानपुर के एक दरोगा की पत्नी की हत्या कौशांबी जिले में कर राजापुर क्षेत्र में फेंका गया था। इसी प्रकार कौशांबी की एक महिला का शव चार माह पूर्व मिर्च के बोरे में भरकर रैपुरा के पास फेंका गया था। इसके अलावा भी बरगढ़ व मानिकपुर के जंगलाें में भी दूसरे जिले के शव फेंके जाते रहे हैं। पुलिस जांच में यह हमेशा विवाद होता है कि जिस जिले की सीमा में शव मिलता है उसमें ही जांच होती है। हालंाकि कई नियमों में बदलाव हुआ है लेकिन पुलिस जांच प्रभावित कर उलझाने के लिए शातिर बदमाश यह तरीका अपनाते रहे हैं।
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